उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर मार्ग पर रविवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि यहां भारी भीड़ जमा होने के कारण भगदड़ मच गई। साथ ही मार्ग पर करंट फैलने की अफवाह फैल दी गई। इस वजह से भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। भगदड़ में करीब 23 श्रद्धालु बुरी तरह से जख्मी हो गए। इनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक करंट फैलने की अफवाह फैली। करंट फैलने से श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। हादसे में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें एक बच्चा भी शामिल है।
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मनसा देवी मंदिर में मची भगदड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दरअसल, मनसा देवी मंदिर पहाड़ पर स्थित है, कांवड़ यात्रा के कारण बंद हुए रास्ते भी खुल गए थे, इस वजह से मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो गया। रविवार को मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। पहाड़ पर ऊंचाई पर स्थित मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को संकरी मार्ग से जाना पड़ता है। सीढ़ियां भी छोटी हैं। बरसात में वहां फिसलन भी होने की जानकारी मिली है।
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एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि हमें करीब 9 बजे के आसपास सूचना मिली थी कि मनसा देवी मार्ग भगदड़ होने से कुछ लोग घायल हुए हैं। मौके पर पुलिस टीम पहुंची। करीब 35 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आठ लोगों की मौत हो गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि करंट फैलने की अफवाह के चलते भगदड़ हो गई। 23 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुछ गंभीर अवस्था वाले मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
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मनसा देवी मार्ग पर भगदड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसपी ने बताया कि करंट आने की अफवाह के कारण भगदड़ मची। पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि हादसे की वजह का पता किया जा रहा है। हालांकि, प्रथम दृष्टया जानकारी मिली है कि करंट की अफवाह के चलते भगदड़ मची है। मंदिर के रास्ते पर भगदड़ हुई है।
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मनसा देवी मंदिर में दर्शन करने आए चश्मदीद संतोष
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फरीदाबाद से आए बिहार के संतोष ने बताया, वहां दीवार पर तार लगी हुई थी। जिसे पकड़कर लोग चढ़ने लगे। जिस वजह से तार छिल गया और करंट फैल गया। जिससे हंगामा मच गया। लोग नीचे गिर गए। मैंने कई लोगों को बचाया, जितना मुझसे हो सका मैंने किया। भगदड़ में मैं भी गिर गया। मैं जिनके साथ था, वो भी मुझसे बिछड़ गए। वहां काफी भीड़ थी, सही से पैर रखने की भी जगह नहीं थी। लोग एक दूसरे के ऊपर चढ़ते चले गए।