हरिद्वार में रानीपुर क्षेत्र के सलेमपुर महदूद गांव में मासूम चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत से हर कोई स्तब्ध है। गांव में मातम पसरा है। बच्चों के मौत की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों ने मौत से काफी देर तक जंग लड़ी। कार का दरवाजा अंदर से नहीं खुलने पर उनकी चीख पुकार अंदर ही दब गई। बच्चों ने हाथ मारकर कार का शीशा तोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन अंत में मौत से जूझते हुए बच्चे कार के अंदर ही जिंदगी की जंग हार गए।
हरिद्वार: कार के अंदर मिले दो लापता बच्चों के शव, ईद से पहले बुझ गए सगे भाइयों के घरों के चिराग, मचा कोहराम, तस्वीरें...
शुक्रवार सुबह पौने ग्यारह बजे अरहान (7) और फरहान (8) अचानक लापता हो गए थे। परिवारजनों ने आसपास लोगों की मदद से दोनों की काफी खोजबीन की। सूचना पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन बच्चे नहीं मिले। रविवार रात घर से करीब 50 मीटर दूर प्लाट में खड़ी एक पुरानी कार के अंदर से बच्चों के शव बरामद हुए।
प्लाट में एक व्यक्ति अपनी कार खड़ी करने पहुंचा था। दुर्गंध आने पर उसने आसपास देखा। डेढ़ साल से खड़ी कार के करीब पहुंचा तो दुर्गंध अधिक हो गई। कार धूल-मिट्टी से सनी थी। व्यक्ति ने कार के शीशे से अंदर झांका तो पिछली सीट पर फरहान बैठा दिखा।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शव
- फोटो : अमर उजाला
फरहान को देख वह खुश हो गया और वहीं से आवाज लगाने लगा बच्चे मिल गए हैं। आसपास के लोग और बच्चों के परिजन पहुंचे और दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन कार का दरवाजा नहीं खुला।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शवों के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
फरहान की कोई हरकत नहीं होने से परिजन और लोगों ने अनहोनी की आशंका पर पुलिस को फोन किया। पुलिस ने पहुंचकर बमुश्किल दरवाजा खोला। कार के अंदर शीशों पर बच्चों के अंगुलियों के निशान मिले हैं।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शव
- फोटो : अमर उजाला
फरहान ने पिछली सीट पर बैठे ही दम तोड़ दिया जबकि अरहान ने अपनी शर्ट उतारी थी और उसका शव पिछली सीट के ही फुटरेस की जगह पड़ा था। बच्चों की मौत दम घुटने से हुई या भूख-प्यास से इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा, लेकिन दोनों शव डिस्पोज होने लगे थे।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शवों के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि कार लंबे समय से खड़ी होने से दरवाजों के लॉक में जंक लगा है, जिससे दरवाजा जाम है। बच्चों ने बाहर निकलने के लिए भरपूर कोशिश की, लेकिन उनकी आवाज कार के अंदर ही दफन हो गई। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय के मुताबिक, पुलिस हर पहलु से जांच कर रही है। बच्चों के शरीर में किसी तरह के चोट के निशान नहीं हैं।