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हरिद्वार कुंभ 2021 : सूर्य के मेष में आए बगैर नहीं बनता पूर्ण कुंभ अमृतयोग, इस दिन से शुरू होगा ये संयोग

Mon, 05 Apr 2021 11:19 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 05 Apr 2021 11:19 AM IST
सार

कुंभ मेले का शास्त्रीय और सांस्कृतिक पक्ष उसी दिन शुरू हो जाता है, जिस दिन देवगुरु बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं।

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Haridwar Maha Kumbh 2021: Purna Kumbh does not become amrita yoga without sun
हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला

कुंभ मेले का शास्त्रीय और सांस्कृतिक पक्ष उसी दिन शुरू हो जाता है, जिस दिन देवगुरु बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं। इस अर्द्धयोग को कुंभ मेले का वास्तविक श्रीगणेश माना जाता है। लेकिन कुंभ वर्ष में हरिद्वार कुंभ का अमृतयोग 14 अप्रैल को प्रारंभ होता है। प्रत्येक कुंभ में यह योग एक महीने बाद 14 मई तक बना रहता है। प्राचीनकाल में गुरु के कुंभ राशि में आने पर ही कुंभ मेलाकाल शुरू होता था। गुरु यदि जनवरी में कुंभस्थ हो जाएं तो 14 अप्रैल के बीच पड़ने वाले तमाम स्नान कुंभ स्नान माने जाते हैं। केवल हरिद्वार का ही नहीं, चारों कुंभ नगरों का गणित ऐसा ही है। उज्जैन, नासिक और प्रयाग में भी कुंभ मेलाकाल बृहस्पति के सिंहस्थ और वृषस्थ होते ही प्रारंभ हो जाते हैं। इसके बावजूद कुंभ का अमृतयोग सूर्य पर निर्भर है। उदाहरण के लिए इस बार सोमवार की आधी रात से बृहस्पति का प्रवेश कुंभ राशि में हो जाएगा। पिछले करीब तेरह महीनों से बृहस्पति मकर राशि में विराजमान थे। बृहस्पति के कुंभ में प्रवेश करने के बाद ग्रहीय चक्र इसलिए भी चल पड़ेगा, चूंकि चार कुंभ नगरों में हरिद्वार ही ऐसी पुण्यभूमि है जहां बृहस्पति कुंभस्थ होते हैं। यानी वेद पुराणों में वर्णित वैदिक सोम की उत्पत्ति। सोम लताओं से निकले इसी सोम को अमृत माना जाता है।

Haridwar Maha Kumbh 2021: Purna Kumbh does not become amrita yoga without sun
हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

14 अप्रैल को सूर्य के मेष में आते ही ब्रह्मलोक से सोमरूपी अमृत की वृष्टि हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड पर अमृतयोग बनाते हुए प्रारंभ हो जाएगी।

Haridwar Maha Kumbh 2021: Purna Kumbh does not become amrita yoga without sun
हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

महाकुंभ मेले को सकुशल संपन्न कराने की कामना के लिए श्री गंगा सभा की ओर से मंगलवार को भव्य गंगा पूजन किया जाएगा।

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Haridwar Maha Kumbh 2021: Purna Kumbh does not become amrita yoga without sun
हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

गंगा पूजन में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि, डीजीपी, कई कैबिनेट मंत्री और मेला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी शामिल होंगे।

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Haridwar Maha Kumbh 2021: Purna Kumbh does not become amrita yoga without sun
हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

गंगा पूजन का लाइव प्रसारण भी होगा। इस बार छह अप्रैल को दोपहर एक बजे गंगा पूजन किया जाएगा। 

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