धर्मनगरी में सदा ही अखाड़ों के तीन शाही स्नान होते हैं। जिस महायोग में सभी तेरह अखाड़े स्नान करते हैं, वह अकेला शाही स्नान 14 अप्रैल को ही पड़ेगा।
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हालांकि 27 अप्रैल को आखिरी शाही स्नान भी पूर्ण महायोग में पड़ेगा। लेकिन वह स्नान सिर्फ बैरागियों के अखाड़े करेंगे। पूर्ण योग में सभी अखाड़ों का अकेला स्नान बैसाखी से अगले दिन मेष संक्रांति के संक्रमण पर 14 अप्रैल को पड़ेगा।
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हरिद्वार कुंभ के लिए ग्रहों के राजा बृहस्पति का कुंभ राशि में जाना कुंभ महायोग को जन्म देता है। कुंभ के तीन शाही स्नान महाशिवरात्रि, मेष संक्रांति और वैशाख पूर्णिमा पर पड़ते हैं।
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इस बीच यदि सोमवती अमावस्या पड़ जाए तो चौथा शाही स्नान पड़ेगा, जैसा इस बार हुआ है। शिवरात्रि पर गुरुवार को पड़े पहले शाही स्नान पर न तो बृहस्पति का प्रवेश कुंभ राशि में हुआ है और न सूर्य का मेष राशि में।