हरकी पैड़ी के निकट भूरे की खोल बस्ती में मंगलवार को गुलदार घुस गया। वह बस्ती के नजदीक हनुमान मंदिर के आसपास घूमता रहा। गुलदार के डर से लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर दिए और छतों से वीडियो बनाते रहे। वन विभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने घंटों की मशक्कत के बाद गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया।
दहशत: हरिद्वार में दिनदहाड़े बस्ती में घुसा गुलदार, दरवाजे बंद कर छतों में भागे लोग, श्रीनगर में क्या हुआ हाल तस्वीरों में देखें
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स्थानीय लोगों के मुताबिक गुलदार पिछले 15 दिन से आवाजाही कर रहा है। वह बस्ती क्षेत्र में आकर मनसा देवी मार्ग के पास जंगल में चला जाता है। स्थानीय लोगों की सूचना पर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन कई दिनों से गुलदार को ट्रैप कर रहा था। वन विभाग ने कई जगहों पर पिंजरे भी लगाए थे, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका। मंगलवार को बस्ती में आने पर वन विभाग ने उसे रेस्क्यू कर लिया।
हरिद्वार के डीएफओ दीपक कुमार ने बताया गुलदार उम्रदराज है। वह जंगल में शिकार करने में सक्षम नहीं है। जंगल में शिकार नहीं मिलने पर वह आबादी क्षेत्र में आवाजाही कर रहा है। डीएफओ ने बताया कि भूरे की खोल बस्ती में गुलदार ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। उसका सफल रेस्क्यू किया गया। श्रीनगर नगर क्षेत्र के अलकनंदा विहार में गुलदार का शावक एक घर के पिछले हिस्से (गैलरी) में घुस गया। बाद में वन विभाग ने शावक को ट्रेक्यूलाइज कर पिंजरे में कैद कर पौड़ी ले गए।
गुलदार का शावक घर की चहारदीवार लांघते हुए शैलेश कुमार के घर के पीछे गैलरी में चला गया। गुलदार के घर में घुसने पर हल्ला मच गया। शोरगुल होने और लोगों की आवाजाही होने पर गुलदार वहीं दुबक गया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और पौड़ी से वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजनीश पांडे ने गुलदार का आकार देखकर बेहोश करने के लिए डोज बनाई।
तत्पश्चात गुलदार को ट्रेक्यूलाइज किया गया। वनकर्मियों ने गुलदार को पकड़कर पिंजरे में कैद किया। वन क्षेत्राधिकारी अनिल भट्ट ने बताया कि गुलदार के शावक की उम्र लगभग डेढ़ साल है। शावक स्वस्थ है। श्रीनगर गुलदार का हॉट स्पॉट बन गया है। यहां लोगों ने आबादी क्षेत्र में चार से पांच गुलदार दिखाई देने की शिकायत की है। पिछले एक माह से गुलदार डांग, भक्तियाना, आशीष विहार, बजीरों के बाग और कमलेश्वर में दिखाई दे रहा था।
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