उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। शुक्रवार रात की बारिश के कारण तापमान में गिरावट आ गई है। वहीं बीते शुक्रवार को हाईवे चौड़ीकरण के दौरान धरासू में मलबा व बोल्डर गिरने से गंगोत्री हाईवे 16 घंटे बाधित रहा।
Gangotri Highway: भूस्खलन के कारण मलबे में दबे दो लोग, एक की मौत, 16 घंटे बंद रही गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही
दोनों पोकलेन मशीन और डंपर मलबे में दब गए। हादसे में सड़क पर खड़ा डंपर चालक महेश नेगी निवासी ग्राम झाला हर्षिल और ठेकेदार संजय चौधरी निवासी नियाजपुर उत्तर प्रदेश भी दब गए जबकि साइट इंचार्ज सिकंदर (28) निवासी मुजफ्फरपुर बिहार पत्थर लगने से सीधे सड़क से नीचे खाई में जा गिरे।
घटना की सूचना पर धरासू पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। मजदूरों की मदद से टीम ने मलबे में दबे संजय, महेश और खाई में गिरे सिकंदर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने सिकंदर को मृत घोषित कर दिया और घायलों को हायर सेंटर रेफर किया। एसएसआई विनोद पंवार ने बताया कि मृतक का पंचनामा भरकर पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
शनिवार को प्रशासन की ओर से छोटे वाहनों को कल्याणी फेडी धरासू तराकोट मार्ग से भेजा गया लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही संभव नहीं हो पाई। इसके चलते हाईवे के दोनों तरफ बड़े वाहनों की लाइन लगी रही। यहां करीब दोनों ओर 12 किमी तक वाहनों की कतार लगी रही।
चौड़ीकरण काम में लगी एजेंसी ने शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे बाद हाईवे से मलबा व बोल्डर हटाने का काम शुरू किया। बीआरओ ने दोपहर बाद दो बजे तक आवाजाही बहाल करने की संभावना जताई थी लेकिन भारी मात्रा में मलबा व बोल्डर आने से शनिवार अपराह्न 3:15 बजे बाद ही आवाजाही बहाल हो पाई।
कहां कैसा है मौसम का मिजाज
वहीं केदारनाथ क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खराब मौसम और बर्फबारी से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भैरव गदेरा, कुबेर गदेरा और बड़ी लिनचोली के पास हिमखंड खिसकने से आवाजाही के लिए रास्ता बंद हो गया है।
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