गंगा दशहरा पर देहरादून चंद्रबनी स्थित गौतम कुंड में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इससे पहले सुबह मंदिर के मुख्य पुजारी महंत हेमराज महाराज ने विशेष पूजा अर्चना की। जिसके बाद महिलाओं ने भजन कीर्तन किए। इस मौके पर गंगा उद्धार सेवा समिति की ओर से आयोजित भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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चंद्रबनी मंदिर में मां गंगा की पूजा करते पुजारी
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के महंत हेमराज महाराज ने बताया कि मां गंगा को प्रसन्न करने के लिए गौतम ऋषि ने पत्नी अहिल्या व पुत्री अंजनी के साथ 12 वर्ष तक तप किया था। जिसके बाद मां गंगा प्रसन्न होकर गौतम कुंड, चंद्रबनी में प्रकट हुई थी। तब से इस स्थान को गौतम कुंड के नाम से जाना जाता है।
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चंद्रबनी मंदिर में मां गंगा का भजन कीर्तन करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
जिसके बाद से हर साल गंगा दशहरा के दिन भव्य गंगा आरती के साथ ही विशेष पूजा अर्चना की जाती है। यहां कुंड में सैकड़ों लोग डुबकी लगाते हैं। यहां प्रत्येक वर्ष बैसाखी के दिन मेले का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस कुंड में माघ व मास महीने में तीन दिन स्नान करने सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है।
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चंद्रबनी मंदिर में गौतम कुंड
- फोटो : अमर उजाला
गंगा दशहरा के मौके पर समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम से पहले सुबह सैकड़ों भक्तों ने आरती कर पूजा अर्चना की। जिसके बाद महिलाओं ने भजन कीर्तन किया। इस दौरान भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया।
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चंद्रबनी मंदिर में गौतम कुंड
- फोटो : अमर उजाला
गंगा दशहरा के मौके पर श्री गंगा उद्धार सेवा समिति के वार्षिक चुनाव संपन्न कराए गए। जिसमें मंदिर के मुख्य पुजारी महंत हेमराज महाराज को सर्वसम्मानित से अध्यक्ष पद का जिम्मा सौंपा गया।