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ऑनलाइन माध्यमों से इनवेस्ट किया है पैसा तो इस तरह आपको लग सकती है चपत

Sat, 05 May 2018 06:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 05 May 2018 06:12 PM IST
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fraud through bitcoin
डेमो - फोटो : amar ujala

किसी आभासी मुद्रा के लेन-देन में आपको यदि ऊंचे रिटर्न का प्रलोभन दिया जा रहा है तो सावधान हो जाएं। इससे आप किसी बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।  हाल ही में बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्रा के लेन-देन में धोखाधड़ी के ऐसे कई मामले सामने आए हैं।


 

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दरअसल, ऑनलाइन माध्यमों से धोखाधड़ी तेजी से पैर पसार रही है। इन्हीं में से एक तरीका है आभासी मुद्रा का लेन-देन।  पिछले कुछ सालों से बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्रा के मूल्य में जिस तेजी से बढ़ोतरी हुई उतने ही लोग इनकी तरफ आकर्र्षित हो रहे हैं। फाइनेंशियल एक्सपर्ट नितिन रॉक्सवेल बताते हैं कि बिटकॉइन और इथेरियम में निवेश एक बड़े रिस्क का सौदा होता है। 

 
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यह डिजिटल करेंसी होती है, जिसका मूल्य अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए घटता और बढ़ता रहता है। बीते एक साल में इसकी कीमतें दो हजार डॉलर से 18 हजार डॉलर के बीच झूलती रहीं हैं। वर्तमान में यह नौ हजार डॉलर यानी छह लाख रुपये के आसपास है। यानी अगर किसी भारतीय को एक बिटकॉइन खरीदना है तो उसे करीब छह लाख रुपये निवेश करने होंगे। बावजूद इसके यह भरोसा बिल्कुल नहीं किया जा सकता है कि यह रुपया डूबेगा या बढ़ेगा। 

 
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rbi
भारत में नहीं है अधिकारिक अनुमति 
भारतीय रिजर्व बैंक ने 24 दिसंबर 2013 को बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्राओं के संबंध में एक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि इनके लेनदेन को भारत में अधिकारिक अनुमति नहीं है। इसके लेनदेन में कई स्तर पर जोखिम है। गत एक फरवरी 2017 और पांच दिसंबर 2017 को भी इसी तरह की एडवाइजरी जारी की गई थी। 

 
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क्यों रहें इससे दूर 
-बिटकॉइन और इथेरियम के कारोबार को कोई रेग्यूलेटरी नहीं बनी है। 
-भारत सरकार ने अभी तक किसी भी आभासी मुद्रा को मंजूरी नहीं दी है। 
-गैर कानूनी धंधों में इसका इस्तेमाल होने का डर रहता है। ऐसे कई मामले देश में सामने आ चुके हैं। 
-इसकी कीमतों को लेकर कोई आंकलन नहीं होता है। शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड इससे बेहतर माने जाते हैं। 

 
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