दशहरे के पावन पर्व पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अहंकारी रावण को खत्म कर विजय का परचम लहराया। उत्तराखंड में कोरोना काल में एक साल बाद बिना पाबंदी के मनाए गए विजयदशमी पर्व का उल्लास देखते ही बन रहा था।
रावण का वद्ध होते ही चारों ओर शंख ध्वनि गूंज उठी। धू-धू कर रावण और मेघनाथ के पुतले जल उठे। रावण दहन देखने पहुंचे लोगों ने एक-दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं दी। आतिशबाजी देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। वहीं, बच्चों ने खेल खिलौने खरीदे और स्वादिष्ट वयंजनों का लुत्फ उठाया।
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वहीं, राजधानी दून में धूमधाम से मनाया गया। शहर में विभिन्न जगहों पर पुतला दहन और लंका दहन का भव्य नजारा देखने को मिला। रावण दहन से पहले शोभायात्रा निकाली गई। विजयदशमी पर शाम होते ही दशानन का अहंकार भी जलकर राख हो गया।
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लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की ओर से हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम ने समाज से भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया।