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Dussehra 2021: तीर्थनगरी में मनाया गया इकोफ्रेंडली दशहरा, एक बार फिर गंगा की लहरों में समाया रावण, तस्वीरें

Fri, 15 Oct 2021 11:50 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 15 Oct 2021 11:50 PM IST
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Ravan Dahan 2021 in Uttarakhand: Eco Friendly Dussehra Celebration in Rishikesh photos
ऋषिकेश में मनाया गया इकोफ्रेंडली दशहरा - फोटो : अमर उजाला

एक बार फिर बुराइयों के प्रतीक रावण का ऋषिकेश में पारंपरिक तरीके से अंत नहीं किया जा सका। कोरोना की आशंकित तीसरी लहर के चलते पिछले साल की तरह इस बार भी प्रतीकात्मक रूप से इकोफ्रेंडली दशहरा मनाया गया। त्रिवेणी घाट पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले को पूजा-अर्चना के बाद गंगा में प्रवाहित कर दिया गया। 



त्रिवेणी घाट स्थित आरती स्थल पर रावण 15 फीट, कुंभकरण 8 फीट और मेघनाद 8 फीट के पुतले लगाए गए। दोपहर करीब एक बजे पूजा अर्चना की गई। स्थानीय श्रद्धालुओं ने नवरात्र के आरंभ में घरों में रोपे गए जौ अर्पित किए। इसके तीनों पुतलों को गंगा में प्रवाहित कर दिया गया।

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सुभाष क्लब दशहरा कमेटी ऋषिकेश के सदस्य और कार्यक्रम संयोजक राहुल शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर दशहरा पर्व को प्रतीकात्मक रूप से मनाया गया। इस दौरान महंत विनय सारस्वत, ललित सक्सेना, राकेश शर्मा, योगेश शर्मा, विश्वास जोशी, मनोज गुप्ता, हीरालाल शर्मा, विजय सिंघल, पंकज जायसवाल, राजू गुप्ता, दिनेश उपाध्याय, दीपक भटनागर, योगेश शर्मा, संजय शर्मा, कमल ढींगरा, केशव पोखरियाल, सोमू, गिरीश जोशी आदि थे। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले बांस और रंगीन कागज से बनाए गए थे।

Ravan Dahan 2021 in Uttarakhand: Eco Friendly Dussehra Celebration in Rishikesh photos
ऋषिकेश में मनाया गया इकोफ्रेंडली दशहरा - फोटो : अमर उजाला

इसमें खास ख्याल रखा गया कि कागज गंगा में घुल जाए और किसी भी तरह से पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए। साथ ही बांस को बांधने के लिए भी जूट की सुतली का इस्तेमाल किया गया जो पानी को खराब न करे। योगनगरी ऋषिकेश के आईडीपीएल में सबसे पहले वर्ष 1964 में दशहरा पर रावण पुतला दहन कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी। पहली बार उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी रियाजुद्दीन ने रावण का पुतला बनाया था।

Ravan Dahan 2021 in Uttarakhand: Eco Friendly Dussehra Celebration in Rishikesh photos
ऋषिकेश में गंगा में सलाया गया रावण - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2006 में रियाजुद्दीन का इंतकाल हो गया। तब से रियाजुद्दीन का परिवार इस परंपरा को निभाता आ रहा है। अब रियाजुद्दीन के बेट शफीक अहमद रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों को तैयार करते हैं। आईडीपीएल में वर्ष 1970 में रावण के सबसे विशाल 73 फीट के पुतले का दहन किया गया था। वहीं कुंभकरण के पुतले की लंबाई  60 फीट और मेघनाद का पुतले 55 फीट ऊंचा था।

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Ravan Dahan 2021 in Uttarakhand: Eco Friendly Dussehra Celebration in Rishikesh photos
ऋषिकेश में गंगा में सलाया गया रावण - फोटो : अमर उजाला

कोरोना महामरी के चलते पिछले वर्ष शासन प्रशासन ने दशहरा के आयोजन का सीमित कर दिया था। ऐस में शफीक अहमद की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो गया था। लेकिन सुभाष क्लब दशहरा कमेटी ने सर्वसम्मति से रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों के दहन के बजाय गंगा में प्रवाहित करने का निर्णय लिया।

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Ravan Dahan 2021 in Uttarakhand: Eco Friendly Dussehra Celebration in Rishikesh photos
ऋषिकेश में गंगा में सलाया गया रावण - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद शफीक ने त्रिवेणी घाट आरती स्थल पर रावण के 10 फीट, कुंभकरण और मेघनाद के भी ढाई-ढाई फीट ऊंचे पुतले बनाए। वहीं, नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने देवभूमि ऋषिकेशवासियों को दशहरा पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। 

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