अपने पितरों के श्राद्घ में अगर आपने इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान नहीं रखा तो आपके किए कराए पर पानी फिर जाएगा।
ब्राह्मण को भोजन परोसते समय दोनों हाथों का इस्तेमाल करें। मान्यता है कि एक हाथ से पकड़े हुए अन्न पात्र से परोसा हुआ भोजन राक्षस छीन लेते हैं।
श्राद्ध में चांदी के बर्तनों का प्रयोग करने से राक्षसों का नाश होता है। अतः अर्घ्य, पिण्ड और भोजन चांदी के बर्तन में ही निकालें।
श्राद्ध कर्म में गाय का घी, दूध या दही जरूर शामिल करना चाहिए। श्राद्ध के समय खाली जमीन पर नहीं बैठना चाहिए। बैठने के लिए आसन का प्रयोग करना चाहिए।
श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन कराते समय उनसे बात नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि भोजन करते वक्त अगर ब्राह्मण मौन रहता है तो उसके रूप में पितर भोजन करते हैं। श्राद्ध के समय यदि कोई भिखारी आए तो उसे वापस न करें और घर पर बने सभी व्यंजन खिलाएं।