दिवाली में लक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सुशांतराज के अनुसार लक्ष्मी पूजन के चार प्रकार के मुहूर्त सर्वमान्य हैं। इनमें एक प्रदोष काल, दूसरा कुंभ लग्न, तीसरा वृषभ लग्न और चौथा सिंह लग्न।
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ग्रंथों में लक्ष्मी पूजन का महत्व प्रदोष काल में शुभ माना गया है। देहरादून में प्रदोष काल शाम 5:22 मिनट से 6.34 मिनट तक। वृषभ लग्न शाम 5:53 मिनट से 7:46 मिनट तक। सिंह लग्न रात 12:24 मिनट से 2:42 मिनट तक रहेगा।
प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद तीन घंटे लिया जाता है। वृषभ एवं सिंह लग्न निरयण पद्धती पर आधारित है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष गणनाओं के मतानुसार पूजा के लिए स्थिर लग्नों का चयन जरूरी है। व्यापारी वर्ग को कुंभ लग्न में लक्ष्मी पूजन करने से बचना चाहिए। वृषभ या सिंह लग्न का चयन व्यापारियों को छोड़कर सभी को ग्रहण करना चाहिए।
प्रदोष काल: इस लग्न में मंदिर, अस्पताल, स्कूल कॉलेज में पूजा की जाती है। नेता, टीवी कलाकार इस लग्न में पूजा करते हैं।
कुंभ लग्न : इस लग्न में वह लोग पूजा करते हैं जो बीमार होते हैं। जिनकी शनि की दशा खराब होती है, जिन्हें व्यापार में हानि होती है।
वृषभ लग्न: इस लग्न को लक्ष्मी की पूजा करने का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है।
सिंह लग्न : यह दीपावली की मध्य रात्रि का समय होता है। संत, तांत्रिक इस लग्न में मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं।