सामने मां की लाश पड़ी थी, लेकिन मूक बधिर तरुण किसी को इसकी जानकारी देता तो आखिर कैसे। उसने तुरंत पीपल मंडी में रहने वाली अपनी मौसी ज्योति को वीडियो कॉल कर मां के साथ हुई वारदात की जानकारी दी। इसके बाद भाई को भी वीडियो कॉल से सूचना दी और बाहर जाकर इशारे से पड़ोसियों को भी बुला लिया। उन्होंने ही पुलिस को घटना की जानकारी दी।
जिस समय आरोपी जयप्रकाश यादव ने अपनी पत्नी प्रेमलता को मौत के घाट उतारा, बड़ा बेटा तरुण दूसरे कमरे में मौजूद था। मूक-बधिर होने के चलते उसको वारदात का पता नहीं चल सका। कुछ देर बाद वह उस कमरे में पहुंचा तो फर्श पर प्रेमलता की लाश पड़ी थी। उसने सबसे पहले अपनी मौसी और उसके बाद छोटे भाई निखिल को वीडियो कॉल के जरिये वारदात की जानकारी दी।
वहां का नजारा देखते ही उन्हें माजरा समझते देर नहीं और वह तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। इसी बीच तरुण बाहर गया और इशारे से पड़ोसियों को भी बुला लिया। पड़ोसियों ने अंदर का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
मृतका प्रेमलता की बहन ज्योति ने बताया कि मूक बधिर बड़ा बेटा तरुण अपनी मां के करीब था। पिता और मां के बीच पैसों को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। उनके बीच पिछले करीब एक साल से बातचीत भी बंद थी। ऑनलाइन कारोबार करने वाला छोटा बेटा निखिल भी अपनी मां से बात नहीं करता था। तरुण अपनी मां के करीब था, लेकिन पिता और निखिल उसे भी बात करने से रोकते थे। मां की हत्या के बाद वह मौसी के पास बैठकर रोता रहा।
प्रेमलता की हत्या कर जयप्रकाश इसे सुसाइड का रूप देना चाहता था। यही कारण है कि हत्या करने के बाद उसने प्रेमलता की हाथ की नस काटने का भी प्रयास किया। इसके बाद शव को बेड के नीचे धकेलकर वह रेलवे स्टेशन के पास अंडे की अपनी ठेली पर चला गया।