कोविड-19 की दूसरी लहर अब खतरा बनकर मंडराने लगी है। हरिद्वार में होली के बाद छह दिनों में ही 615 संक्रमित मिले हैं। महाकुुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या के साथ संक्रमण के प्रसार बढ़ने की आशंका ने मेला और जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है। वहीं, मेला क्षेत्र और घाटों पर कोविड की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की धज्जियां उड़ रही हैं। श्रद्धालुओं के अलावा स्थानीय लोग भी बिना मास्क घूम रहे हैं। शारीरिक दूरी तो जैसे भूल ही गए हैं। कोरोना संक्रमण के प्रसार के लिहाज से हरिद्वार सबसे संवेदनशील है। महाकुंभ के चलते देेशभर से श्रद्धालु और संत हरिद्वार पहुंच रहे हैं। बॉर्डर पर चेकिंग और सैंपलिंग की औपचारिकता हो रही है। श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर बिना मास्क गंगा घाटों और मेला क्षेत्रों में घूम रहे हैं। हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु दुकानों से सामान खरीद रहे हैं। जत्थों में आने वाले श्रद्धालुओं से सबसे अधिक खतरा बना है। दर्जनों लोग जत्थों में आने के साथ एक साथ बैठ रहे हैं। गंगा घाटों पर घेरा बनाकर वहीं खाना खा रहे हैं तो कहीं मेला क्षेत्र में बना रहे हैं। स्थानीय लोग भी कोविड की भयावहता को नजरअंदाज कर रहे हैं।
Corona in Uttarakhand : हरिद्वार में छह दिन में संक्रमित 600 पार, नहीं संभले तो बढ़ेगी रफ्तार
- हरिद्वार में अब खतरा बनकर मंडरा रही है कोविड-19 की दूसरी लहर, श्रद्धालु ही नहीं स्थानीय लोग भी भूले मास्क पहनना और शारीरिक दूरी
व्यापारी हों या बाजारों में खरीदारी करने वाले, अधिकतर मास्क नहीं पहन रहे हैं। सरकारी दफ्तरों और मेला पुलिस एवं प्रशासनिक कार्यालयों तक में कर्मचारी मास्क पहनने से परहेज कर रहे हैं। लोगों की इसी लापरवाही से छह दिन में 615 नए मरीज सामने आए हैं।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या के साथ संक्रमण की रफ्तार बढ़ने से मेला एवं जिला प्रशासन के अफसर बेचैन हैं। संक्रमण की दर के सापेक्ष छह दिनों में 60763 लोगों की सैंपलिंग हुई है। इसमें बॉर्डर से लेकर मेला क्षेत्र में आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन जांच शामिल है।
कोविड के मामले बढ़े रहे हैं। ऐसे में संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का चिह्नीकरण तेज कर दिया गया है। सैंपलिंग की क्षमता को 20 हजार तक बढ़ाया गया है। कोविड आइसोलेशन और आईसीयू बेड संख्या को भी बढ़ाया जा रहा है। लोगों को भी एहतियातन मास्क पहनने और शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन करना जरूरी है।
- डॉ. एसके झा, सीएमओ, हरिद्वार
तारीख - मरीज - सैंपल - टीकाकरण - एक्टिव केस
30 मार्च- 10 - 202 - 912 - 218
31 मार्च- 78 - 3959 - 2506 - 248
01 अप्रैल-158 - 6978 - 3157 - 260
02 अप्रैल-122 - 12199 - 5299 - 271
03 अप्रैल-143 - 16367 - 4583 - 313
04 अप्रैल-104 - 21058 - 4587 - 306
(नोट : एक्टिव केस में निजी वाहनों से आने वाले कई बाहरी यात्री भी शामिल हैं। उन्हें बार्डर से लौटाया जा रहा है।)