कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए प्रदेश सरकार के अभी तक के प्रयास असरदार नजर नहीं आ रहे हैं। कोविड महामारी की चेन तोड़ने के लिए सरकार ने संक्रमण प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाया है, लेकिन जिस तरह से कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, उससे कर्फ्यू का कवच अभेद साबित नहीं हो पा रहा है।
उत्तराखंड: कोरोना पर बेअसर हुआ कर्फ्यू का 'कवच', सख्ती के बाद भी सड़कों पर निकलने से बाज नहीं आ रहे लोग, तस्वीरें...
कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या से अस्पतालों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऑक्सीजन की डिमांड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जानकारों का मानना है कि इस संकट से बचने के लिए जागरूक होना बेहद जरूरी है। अब जरूरी है कि लोग खुद भी अपनी चिंता करें और घर पर रहने की पूरी कोशिश करें।
दून में कर्फ्यू लगाने से अब तक
तारीख मामले टेस्ट संक्रमण दर
26 अप्रैल 2034 13781 15.3
27 अप्रैल 2218 9555 23.2
28 अप्रैल 2329 9318 25
29 अप्रैल 2266 8724 25.3
30 अप्रैल 1915 8862 21.6
01 मई 2266 10736 21.1
02 मई 2580 9453 27.3
03 मई 2026 7701 26.3
04 मई 2789 9583 29.1
05 मई 2771 9628 28.8
कुल योग 23135 96841 23.9
स्रोत: एसडीसी फाउंडेशन
उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार सख्त से सख्त कदम उठा रही है। कर्फ्यू को और सख्त किया गया है। तीन जिलों में पूरी तरह से कर्फ्यू लगा दिया गया है। आशा करते हैं कि इसके सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे।
एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि सरकार की बहुत बात हो गई। अगर हम यानी पब्लिक खुद अपने व्यवहार में बदलाव नहीं लाते तो सरकार लाख लॉकडाउन लगा दे, कोरोना के केस कम नहीं होने वाले। अगर आप और मैं अपने-अपने स्तर पर कुछ कोशिश करें और अगर सरकार थोड़ा और जोर लगाए तो हालात बदलते देर नहीं लगेगी।