पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार... करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार... उत्तराखंड में छठ महापर्व के दूसरे दिन शाम को रसियाव-रोटी का भोग लगाकर व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण कर खरना किया। इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया। महापर्व में तीसरे दिन संध्या अर्घ्य होगा। इसमें व्रती महिलाएं अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देंगी।
Chhath Puja 2024: देवभूमि में व्रतियों ने रसियाव-रोटी संग किया खरना...36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू, तस्वीरें
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तराखंड
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 06 Nov 2024 09:25 PM IST
सार
Chhath Puja 2024: व्रती महिलाओं ने आम की लकड़ी से मिट्टी के चूल्हे पर रसियाव (गुड़, दूध और कच्चा चावल) पकाया। इसके बाद मिट्टी के तवे पर रोटी बनाई। रसियाव रोटी का छठी मईया को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया।
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