चैत्र नवरात्रि आज यानी दो अप्रैल से शुरू हो गए हैं। शहर भर के मंदिरों में माता की आराधना के लिए नौ दिन अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। वहीं शहर के प्रमुख मंदिर भव्य तरीके से सजाए गए है। अब प्रत्येक दिन मां के विभिन्न रूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, श्रीनगर, उत्तरकाशी सहित कुमाऊं में अल्मोड़ा, नैनीताल सभी जिलों में सुबह से मां के दरबार में भक्तों का तांता लगा हुआ है।
चैत्र नवरात्रि 2022: माता रानी के दरबार में भक्तों का तांता, देवभूमि में नौ दिन भव्य होगी मां आदिशक्ति की आराधना
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पूर्णागिरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर के बाहर तक श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। कुछ श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए सुबह पांच बजे से ही लाइन में खड़े हो गए थे।
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मां मनसा देवी मंदिर में पुजारियों द्वारा भव्य आरती की गई। वहीं श्री दक्षिण काली मंदिर में माई के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। नवरात्र से पहले दिन भक्तों ने माता चुनरी, मुकुट, माला, मूर्ति व तस्वीर खरीदी। देहरादून के धामावाला बाजार, हनुमान चौक, धर्मपुर चौक, पलटन बाजार समेत शहर के सभी बाजारों में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है।
धारी देवी मंदिर श्रीनगर में भी दूर-दराज से लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचे। चैत्र नवरात्रि के साथ दो अप्रैल से नवसंवत 2079 तीन राजयोगों के साथ शुरू हो गया है। प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज ने बताया कि इस संवत्सर के राजा शनि एवं मंत्री गुरु रहेंगे और रेवती नक्षत्र के साथ तीन राजयोगों में नववर्ष का प्रारंभ शुभ संकेत की स्थिति को दर्शाता है।
हल्द्वानी में जगदम्बा नगर स्थित मां जगदम्बा मंदिर में भागवत कथा से पूर्व महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। मां जगदंबा की पूजा -अर्चना की गई है। महंत कृष्णा गिरी महाराज ने बताया कि 1563 साल बाद नववर्ष की शुरुआत में मंगल और राहु-केतु अपनी उच्च राशि में रहेंगे।