बदरीनाथ हाईवे पर सौड़पानी में रविवार देर रात को हुए हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। घटना के प्रत्यक्षदर्शी सागर ने बताया कि वह उक्त कार से लगभग 30 मीटर पीछे चल रहे थे। दुर्घटना से पहले उन्होंने एक ट्रक को ओवरटेक किया। इससे कुछ मीटर आगे कार मोड़ पर मुड़ने के बजाय सीधे खाई में गिर गई। थाना प्रभारी रावत ने बताया कि घटनास्थल से 20 मीटर पहले सड़क पर कार के टायर के निशान हैं, जिससे लगता है कि स्टेयरिंग न मुड़ने पर कार चालक ने ब्रेक मारकर कार रोकने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।
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बदरीनाथ हाईवे पर खाई में गिरी कार
- फोटो : अमर उजाला
दुर्घटना में मारे गए ग्राम पंचायत जनासू के अरकणी गांव के चारों लोग शनिवार रात को ही गांव आए थे। रविवार सुबह अंत्येष्टि के बाद वह लौट गए। ग्राम प्रधान सतीश लाल ने बताया कि पवन, संजीव व योगेंद्र चाचा-ताऊ के लड़के थे, जबकि होमगार्ड धीरज उनके ही गांव के रहने वाला था। मृतकों में एक ड्राइवर भी था।
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बदरीनाथ हाईवे पर खाई में गिरी कार
- फोटो : अमर उजाला
दुर्घटना में मृतकों के शवों को निकालने के लिए पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और एसडीआरएफ को खासी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि शव बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से 200 मीटर नीचे गिरे थे, लेकिन वहां पहुंचने के लिए पुलिस दल को लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
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बदरीनाथ हाईवे पर खाई से शवों को निकालती टीम
- फोटो : अमर उजाला
रविवार दोपहर करीब पौने तीन बजे सौड़पानी के समीप हुई दुर्घटना की जानकारी बछेलीखाल चौकी पुलिस को एक वाहन चालक ने दे दी। जिस जगह से कार खाई में गिरी थी, वहां सीधा ढलान है। इसलिए वहां से नीचे उतरने की गुंजाइश नहीं थी। इसे देखते हुए बचाव दल दूसरे स्थान से नीचे उतरकर दुर्घटनाग्रस्त कार तक पहुंचा।
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गहरी खाई में जा गिरी कार
- फोटो : अमर उजाला
खाई में पहुंचने के बाद लगभग एक घंटे में पुलिस ने रस्सों के सहारे एक शव को सड़क तक पहुंचा दिया। घटना की सूचना मिलने के लगभग दो घंटे बाद 52 किलोमीटर दूर ऋषिकेश से एसडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। इसके बाद शवों को निकाला गया। बता दें कि बदरीनाथ हाईवे कई जगहों पर चौड़ा हो चुका है ऐसे में यहां अकसर वाहन चालकों में एक दूसरे को पीछे छोड़ने की होड़ लगी रहती है। ऐसे में हादसे होने की आशंका बनी रहती है।