त्रिशक्ति सम्मेलन में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपनी रौं में थे। उत्तराखंड में चूंकि मुकाबला सिर्फ कांग्रेस से है, इसलिए हमले सिर्फ गांधी परिवार पर थे। इस क्रम में एक के बाद एक हमले किए। एक कदम आगे निकलकर वह एक मामले में कांग्रेस के चूहों का जिक्र कर बैठे।
2 of 5
त्रिशक्ति सम्मेलन में पहुंचे कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा-पांच साल के कार्यकाल में मोदी सरकार ने डीबीटी के जरिये एक लाख करोड़ का घोटाला रोका। स्वर्गीय राजीव गांधी कहा करते थे-दिल्ली से एक रुपया भेजा जाता है, लेकिन जनता तक 15 पैसे ही पहुंचते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सवाल किया-यह 85 पैसे कौन खा जाता था, तो आवाज आई ‘वाड्रा-वाड्रा’।
3 of 5
त्रिशक्ति सम्मेलन में अमित शाह
शाह बोले तो कुछ नहीं, लेकिन मुस्कराए बगैर नहीं रहे। फिर कहा-एक लाख करोड़ का घोटाला कांग्रेस के चूहे धीरे-धीरे खा रहे थे। शाह के भाषण में स्वर्गीय राजीव गांधी से लेकर प्रियंका तक की चर्चा हुई। राहुल गांधी पर तो सबसे ज्यादा बात हुई ही।
उनकी खेती किसानी पर समझ से लेकर बजट पेश होते समय तक की भाव भंगिमा को शाह ने रोचक अंदाज में सुनाया। उन्होंने कहा-टीका टिप्पणी किए बगैर हमने डीबीटी किया। ऐसे वृद्घ पाए गए, जिनका नाम नहीं था। ऐसी विधवाएं पाईं, जिनका जन्म नहीं हुआ था।
मीडिया का भी इस ओर ध्यान नहीं था। वह बोफोर्स, टूजी घोटालों में व्यस्त था। उन्होंने कहा-अब दिल्ली से एक रुपया चलता है, तो पूरा एक रुपया जनता तक पहुंचता भी है। उन्होंने भाजपा के खिलाफ गठबंधन का भी जिक्र किया और कहा-सभी अपने अपने राज्यों के नेता है। भाजपा को इससे कोई फर्क नहीं पडे़गा। वह पहले से बडे़ जनादेश के साथ सत्ता में आएगी।