वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी के रन आउट को गेम चेंजर माना जा रहा है। धोनी के रन आउट होने की वजह से ही टीम इंडिया को जीत नहीं मिली। तमाम क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैंस का मानना है कि, धोनी अगर क्रीज पर रहते तो भारत लॉर्ड्स में फाइनल खेलता। बस गप्टिल के एक सटीक थ्रो ने पूरे खेल का पासा ही पलट दिया। उसके बाद भारत यह मैच 18 रन से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हो गया।
सेमीफाइनल में धोनी को रनआउट करने के दौरान मार्टिन गप्टिल के दिमाग में क्या चल रहा था?
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धोनी ने पारी के 49वें ओवर में लॉकी फर्ग्यूसन की गेंद को शॉर्ट फाइन लेग की तरफ खेला और रन के लिए दौड़े। वह दूसरा रन लेना चाहते थे, लेकिन फाइन लेग बाउंड्री से दौड़कर आते हुए गप्टिल ने गेंद को उठाया और डायरेक्ट थ्रो कर गिल्लियां बिखेर दी। धोनी बस कुछ इंच क्रीज से दूर रह गए। धोनी 50 के योग पर रन आउट हुए और 216 रन पर आठवां विकेट धोनी के रूप गिरने के साथ ही भारत की उम्मीदें भी बिखर गईं।
आईसीसी ने मैच के बाद मार्टिन गप्टिल का एक वीडियो जारी किया। इसमें गप्टिल ये बता रहे थे कि धोनी को रन आउट करने के वक्त उनके दिमाग में क्या चल रहा था। गप्टिल ने कहा, 'मैं भाग्यशाली रहा कि वहां से डायरेक्ट थ्रो पर धोनी को रन आउट कर पाया। मैं जल्दी से जल्दी गेंद तक पहुंचना चाहता था, वहां से मुझे एक स्टंप दिखाई दे रहा था और मैं भाग्यशाली रहा कि उस कोण से भी डायरेक्ट थ्रो पर गिल्लियां बिखर गई।
"Lucky enough to get a direct hit from out there" – New Zealand's @Martyguptill on his ⚡ ️throw to dismiss MS Dhoni in the #CWC19 semi-final against India. #BackTheBlackCaps pic.twitter.com/GnerDahQgQ
— ICC (@ICC) July 11, 2019
गप्टिल के लिए यह विश्व कप निराशाजनक रहा है। अभी तक वह 20.87 की औसत से 167 रन ही बना पाए हैं। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ टीम के पहले मैच में 73 रन बनाए थे। इसके बाद से गप्टिल लगातार रन बनाने में असफल हो रहे हैं, लेकिन धोनी को रन आउट कर उन्होंने अपनी टीम को लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा दिया है। जहां न्यूजीलैंड का मुकाबला मेजबान इंग्लैंड से 14 जुलाई को होगा।