महेंद्र सिंह धोनी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में ज्यादातर समय शांत चित्त होकर फैसले लेते हुए नजर आए लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ जब 'कैप्टन कूल' ने तनावपूर्ण परिस्थितियों में मैदान पर आपा खो दिया।
'कैप्टन कूल' को भी आता था गुस्सा, इन मौकों पर धोनी ने मैदान पर खोया आपा
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इसी तरह का एक क्षण तुरंत ही याद आ जाता है क्योंकि यह घटना हाल की ही है जो पिछले साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच के दौरान घटी थी। चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबले में वह खेल के दौरान ही मैदान में घुस गए थे। मैच का अंतिम ओवर था और चेन्नई सुपरकिंग्स को जीत के लिए 18 रन की दरकार थी।
बेन स्टोक्स ने फुल टॉस गेंद फेंकी और अंपायर उल्हास गांधी ने इसे 'नो बॉल' करार कर दिया और फिर अचानक अपने फैसले से पीछे हट गये। इससे धोनी को गुस्सा आ गया और वह मैदान के अंदर घुस गए जिसके कारण उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था। इस घटना को याद करते हुए अंपायर गांधी ने ज्यादा कुछ नहीं कहा, उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि नियत प्रक्रिया का पालन किया गया था।' हालांकि एक पूर्व बीसीसीआई अंपायर ने यह भी कहा, 'इसमें अंपायर और धोनी दोनों गलत थे।'
एक और घटना थी जब धोनी ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया में सीबी श्रृंखला के दौरान अंपायर बिली बाउडेन पर ऊंगली उठाई थी। तीसरे अंपायर ने माइक हसी को स्टंप आउट का फैसला किया लेकिन रिप्ले में दिख रहा था कि उनका एक पैर क्रीज के अंदर था। टीवी अंपायर की गलती महसूस करते हुए बाउडेन ने हसी को वापस बुला लिया जब वह ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़ रहे थे। धोनी को यह अच्छा नहीं लगा जिन्होंने न्यूजीलैंड के अंपायर की ओर ऊंगली से इशारा करते हुए अपनी नाराजगी दिखाई।
कुछ और क्षण थे जब वह अपनी टीम के साथियों को गलती करने और उनकी सलाह पर ध्यान नहीं देने के लिये डांट रहे थे और उनकी ये बातें स्टंप माइक में सुनी गई। इंग्लैंड के 2009 दौरे के दौरान खिलाड़ियों की परेड को नहीं भुलाया जा सकता जब वह तब के उपकप्तान वीरेंद्र सहवाग के साथ उनके मतभेदों की खबरों से काफी नाराज थे। तब उन्होंने टीम की एकता को लेकर एक बयान भी पढ़ा था।