टीम इंडिया के इस गेंदबाज ने कहा कि वो रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जडेजा को अपने प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं देखते हैं।आइए जानते हैं कि इस नए उभरते हुए गेंदबाज ने और क्या कहाः-
टीम इंडिया के इस गेंदबाज ने कहा, मेरा मुकाबला अश्विन और जडेजा से नहीं
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टीम इंडिया की तरफ से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले चाइनामैन गेदंबाज कुलदीप यादव का कहना है कि वो रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की जोड़ी को अपने खेल से बाहर करने के बारे में नहीं सोचते हैं। उल्लेखनीय है कि टीम इंडिया में रोटेशन पॉलिसी की वजह से वन डे में आर अश्विन और जडेजा की जगह कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को हाल फिलहाल में खिलाया गया है। इस तरह वन डे में कुलदीप की मौजूदगी में अश्विन और जडेजा को मौका नहीं मिला है। हालांकि टेस्ट में अश्विन और जडेजा को अभी श्रीलंका के खिलाफ फिर से मौका दिया गया है।
एक इंटरव्यू के दौरान 22 वर्षीय चाइनामैन गेदबाज कुलदीप ने बताया कि वो कैसे अपने सीनियर दो गेंदबाज अश्विन और जडेजा को पीछे छोड़कर वह आगे आए। हालांकि इसके कोई दो राय नहीं है कि कुलदीप ने बहुत कम समय में बहुत अधिक सफलता हासिल की है। इंटरव्यू के दौरान कुलदीप ने यह भी कहा कि वो और युजवेन्द्र चहल ने सीमित ओवर में अच्छा प्रदर्शन किया है।
क्रिकेटनेक्स्ट को दिए इंटरव्यू में 22 वर्षीय टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज कुलदीप ने कहा, 'मुझे नहीं मालूम कि ये तुलना कहां से आती है। मैं अश्विन और जडेजा को अपना प्रतिद्वंदी नहीं मानता हूं। हां, मैं और चहल सीमित ओवर के प्रारूपों में अच्छा प्रर्दशन किए हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अश्विन और जडेजा से अपनी तुलना कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने अभी अपने करियर की शुरूआत की है और उन दोनों को हम एक गाइडेंस के तौर पर देखता हूं। कुलदीप ने कहा कि वास्तव में उन दोनों ने हमें कह कर रखा कि मैच की अलग-अलग स्थितियों में कैसे अच्छा करना है।'
इंटरव्यू के दौरान कुलदीप से पूछा गया कि क्या वह स्टंप के पीछे से धोनी के इनपुट्स को भुला देंगे। तब उन्होंने स्वीकार किया कि धोनी की उपस्थिति ने उनके लिए काम आसान बनाया। इसी समय उन्होंने विकेटकीपर के रूप में ऋध्दिमान साहा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'साहा ठीक है। मगर धोनी की अपनी एक अलग क्लास है। उनकी मौजूदगी में 40 प्रतिशत काम करना पड़ता है। बाकी 60 प्रतिशत वो हम सब के लिए करते हैं। वह बहुत अच्छे हैं। वो बल्लेबाजी करने से पहले बल्लेबाज के दिमाग को परख लेते हैं।'