कैनबरा में शुक्रवार रात खेला गया पहला टी-20 जीत-हार से ज्यादा कनकशन सबस्टीट्यूट की वजह से याद रखा जाएगा। भारतीय टीम ने दो खिलाड़ियों के बूते मुकाबले में जीत हासिल की। पहले रवींद्र जडेजा, जिन्होंने अंतिम ओवर्स में ताबड़तोड़ 23 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से 44 रन ठोके। दूसरे युजवेंद्र चहल, जिन्होंने चार ओवर्स में 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए। जड्डू की वजह से ही भारत 161 रन बना पाया। बल्लेबाजी के दौरान हेलमेट पर गेंद लगने के कारण जडेजा क्षेत्ररक्षण करने नहीं आए। युजवेंद्र चहल को बतौर कनकशन सबस्टीट्यूट भेजा गया। प्लेइंग इलेवन में शामिल न किए गए चहल ने इस मौके को भुनाते हुए भारत की जीत की स्क्रिप्ट लिखी, जिसके बाद विश्व क्रिकेट में अब एक नई बहस छिड़ चुकी है।
AUSvIND: जडेजा के कनकशन सबस्टीट्यूट ने छेड़ी नई बहस, दो हिस्सों में बंटा विश्व क्रिकेट
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हेनरिक्स ने उठाया सवाल
Moises Henriques questions whether Yuzvendra Chahal was a true like-for-like replacement for Ravindra Jadeja when he came on as a concussion sub.https://t.co/YiaTCDvBM6 #AUSvIND pic.twitter.com/NJbnSsJfWo
ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर दूसरी पारी शुरू होने से ठीक पहले काफी नाराज नजर आ रहे थे। वह जडेजा की जगह चहल को बतौर कनकशन सबस्टीट्यूट भेजे जाने के खिलाफ थे। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान आरोन फिंच ने इस बात को अधिक तवज्जो नहीं दी, लेकिन उन्हीं की टीम के मोजेस हेनरिक्स आपत्ति जताते हैं। मैच के बाद उन्होंने सवाल किया कि, 'आईसीसी का नियम ठीक है, कनकशन विकल्प होना चाहिए। हम विकल्प लाने के फैसले के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। हम सिर्फ एक चीज कह रहे हैं कि विकल्प उसी खिलाड़ी की तरह होना चाहिए। जडेजा एक हरफनमौला है और वह अपनी बल्लेबाजी कर चुके थे। चहल पूरी तरह से गेंदबाज हैं।'
लक्षण 24 घंटे बाद तक भी दिखते हैं: सहवाग
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि भारतीय टीम रवींद्र जडेजा के कनकशन विकल्प को लेने में बिलकुल सही थी क्योंकि सिर की चोट से संबंधित लक्षण गेंद लगने के 24 घंटे बाद तक भी दिखाई दे सकते हैं। सहवाग ने कहा, 'जब स्टीव स्मिथ को सिर पर गेंद लगी थी तो मार्नस लाबुशेन उनकी जगह बल्लेबाजी करने आए थे और उन्होंने रन बनाए थे। इसलिए ऑस्ट्रेलिया को भी यह फायदा मिला था। इसलिए मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया को शिकायत नहीं करनी चाहिए।' यह भी पढ़ें: बिना टीम में रहे युजवेंद्र चहल ने कैसे जिताया मैच, जानें कनकशन सब्स्टीट्यूट के बारे में सबकुछ
कपिल देव और अतुल वासन की राय भी जुदा
1983 विश्व विजेता पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि नियमों के मुताबिक यह भले ही सही हो, लेकिन युजवेंद्र चहल से गेंदबाजी कराना नैतिक तौर पर गलत है। उधर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दिल्ली क्रिकेट संघ के पदाधिकारी अतुल वासन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया साम-दाम-दंड भेद सबका इस्तेमाल करता है इसलिए अगर भारत में भी ऐसा किया और नियमत: किया तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। यह भी पढ़ें: 12वें खिलाड़ी ने दिलाई पहले T-20 में भारत को जीत, जब बीच मैच में हुआ विवाद
एक अहम प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ: मांजरेकर
हेलमेट पर गेंद लगने के बाद भी जडेजा ने बल्लेबाजी जारी रखी और भारतीय टीम के खाते में नौ रन और जोड़े। भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने सवाल किया कि जब आखिरी ओवर में जडेजा के हेलमेट पर गेंद लगी तो उनकी जांच करने के लिए फिजियो मैदान पर क्यों नहीं गए। मांजरेकर ने कहा, 'प्रोटोकॉल कहता है कि जैसे ही आपके हेलमेट पर गेंद लगे मेडिकल टीम बल्लेबाज के साथ वक्त बिताती है। उससे पूछती है कि उसे कैसा लग रहा है फिजियो वहां आते हैं और फिर बल्लेबाज से कुछ सवाल पूछते हैं। जडेजा के साथ ऐसा नहीं हुआ। खेल जरा भी नहीं रुका और उन्होंने बल्लेबाजी करनी जारी रखी।' यह भी पढ़ें: जिस कनकशन नियम के सहारे जीती टीम इंडिया, कप्तान कोहली ने उसी को बताया अजीबोगरीब