टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वन-डे में निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 281 रन का स्कोर बनाया। चेन्नई के एम चिदंबरम स्टेडियम में मेजबान टीम के लिए हार्दिक पांड्या (83) ने धुआंधार पारी खेली और एमएस धोनी (79) ने भी अच्छा योगदान दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही क्योंकि सिर्फ 11 रन के स्कोर पर उसके शीर्ष तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। रोहित शर्मा (28) और केदार जाधव (40) ने कुछ देर क्रीज पर कंगारू गेंदबाजों का सामना किया, लेकिन 87 रन तक स्कोर पहुंचते-पहुंचते ये दोनों भी पवेलियन लौट गए।
हार्दिक पांड्या बोले, बल्लेबाजी करते समय धोनी से ये हुई बातचीत
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इसके बाद हार्दिक पांड्या ने धोनी के साथ मिलकर 118 रन की शतकीय साझेदारी करके टीम को 200 रन के पार लगाया। पांड्या ने काफी एंटरटेनिंग पारी खेली और 66 गेंदों में 5 चौको व 5 छक्को की मदद से 83 रन बनाए। दाएं हाथ के युवा बल्लेबाज ने एडम जम्पा के ओवर में लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़े। भारतीय पारी समाप्त होने के बाद पांड्या ने कहा, 'हम जिस परिस्थिति में थे, उसे देखते हुए यह स्कोर देखकर काफी ख़ुशी हो रही है। ऑस्ट्रेलियाई टीम हम पर पूरी तरह हावी थी, इसलिए यह जरुरी था कि मैं कुछ समय बिताकर अपने शॉट्स खेलना शुरू करूं।'
लंबे-लंबे शॉट खेलने का राज खोलते हुए पांड्या ने कहा, 'मैंने जम्पा पर पहले भी आक्रमण की योजना बनाई थी। आमतौर पर मेरी योजना सीधे शॉट खेलने की होती है। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि लांग-ऑफ या लांग-ऑन पर कौनसा फील्डर मौजूद है। अगर मेरे बल्ले का गेंद पर सही संपर्क बना है तो मुझे पता है कि गेंद बाउंड्री लाइन के पार जाएगी।'
पांड्या ने आगे कहा, 'यह जरुरी था कि धोनी के साथ अच्छी साझेदारी करूं। मेरा मतलब, मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है और अभी भी सीख रहा हूं। हम दोनों बातें कर रहे थे कि कैसे चीजें बदलना है। धोनी के साथ खेलना सम्मान की बात है। जब हम साथ में बल्लेबाजी कर रहे थे, तब 230 रन के स्कोर को प्रेडिक्ट करके चल रहे थे। मगर हमने अच्छा स्कोर बनाया।'
पांड्या के आउट होने के बाद धोनी ने मैच फिनिशर की भूमिका निभाते हुए अपने वन-डे करियर का 66वां अर्धशतक जमाया। उन्होंने 88 गेंदों में 79 रन की पारी खेली और भुवनेश्वर कुमार के साथ 72 रन की साझेदारी करके टीम को 281 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।