भारत की सबसे चर्चित टी-20 लीग 'आईपीएल' दुनियाभर के युवाओं में काफी लोकप्रिय है। पैसे और चकाचौंध से भरी इस लीग से तमाम क्रिकेटर जुड़ना चाहते हैं और अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। हालांकि कई खिलाड़ियों को जहां इस लीग से पहचान और पैसे मिले वहीं कई ऐसे भी रहे जो दमदार शुरुआत के बाद अचानक से गुमनामी में चले गए।
IPL के वो गुमनाम खिलाड़ी: किसी ने ठोका था तूफानी शतक तो किसी ने उड़ाई थी गेल की गिल्ली
पॉल वल्थाटी:
साल 2002 में भारत की अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे मुंबई के इस खिलाड़ी का करियर कुछ सालों बाद डगमगाने लगा था। लेकिन फिर आईपीएल में साल 2011 में उन्होंने पंजाब की तरफ से खेलते हुए तेजी से सुर्खियाँ बटोरी। वल्थाटी ने पंजाब की तरफ से खेलते हुए चेन्नई के खिलाफ मात्र 63 गेंदों में 120 रनों की पारी खेली। उन्होंने उस सीजन में 137 की स्ट्राइक रेट से 463 रन बनाए। हालांकि वे उसके बाद ज्यादा नहीं खेल पाए और चोटिल होकर बाहर हो गए और 2014 के बाद से फिर नजर नहीं आए।
कामरान खान:
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के नद्वासराय से निकलकर कामरान ने आईपीएल में तेजी से नाम कमाया। शेन वार्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स से खेलते हुए उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन किया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को वार्न ने 'टोर्नाडो' नाम दिया था। कामरान साल 2009 में तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने सुपर ओवर में गेंदबाजी करते हुए क्रिस गेल को आउट किया और टीम को मैच जिताया।
हालांकि इससे पहले कि वे आगे बढ़ते और छाप छोड़ पाते , उनका गेंदबाजी एक्शन शक के घेरे में आ गया, जिसके बाद उन्होंने उसमें सुधार करने की कोशिश की लेकिन फिर कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए और आईपीएल से बाहर हो गए।
स्वप्निल असनोदकर:
गोवा के अनुभवी और 88 प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले क्रिकेटर ने 2001-02 में रणजी ट्रॉफी खेली थी। उसके बाद वे 2008-2011 तक आईपीएल में राजस्थान की तरफ से खेले। हालांकि 2017 ने वे राज्य की टीम से बाहर हो गए। बावजूद इसके 2009 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए आईपीएल में उनके पास खुद को साबित करने का मौका था लेकिन वे चोटिल होकर बाहर हो गए और फिर वापसी नहं कर पाए।
मनप्रीत गोनी:
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले गेंदबाज मनप्रीत गोनी का करियर भी उतार-चढ़ाव भरा ही रहा। वे आईपीएल के सबसे पहली खोज थे। धोनी की अगुवाई में चेन्नई से खेलने के बाद उन्होंने 2008 में एशिया कप में राष्ट्रीय टीम से खेलने का मौका भी मिला।
अपने पहले आईपीएल में 16 मैचों में 17 विकेट लेने वाले गोनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौके का फायदा नहीं उठा पाए। तीन साल बाद वे डेक्कन चार्जर्स की टीम में शामिल हुए और उसके बाद वे फिर छाप नहीं छोड़ पाए। गोनी चेन्नई के बाद डेक्कन चार्जर्स, पंजाब और गुजरात लायंस का भी हिस्सा रहे।