ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही चार मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत को अपने खिलाड़ियों के चोट से काफी जूझना पड़ा है। यही कारण है कि टीम अब तक चार टेस्ट मैचों में हर बार एक नए प्लेइंग इलेवन के साथ उतरी है। अपने स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया को मजबूरी में अपने नेट गेंदबाजों को मौके देने पड़े। हालांकि वही मजबूरी टीम इंडिया के लिए आगे की चुनौती भी बन गई है।
मौजूदा टीम के चार बदकिस्मत खिलाड़ी, अच्छे प्रदर्शन के बावजूद होंगे टीम से बाहर
शार्दुल ठाकुर:
टीम के इस 29 वर्षीय ऑलराउंडर को रविंद्र जडेजा के चोटिल होने के बाद चौथे टेस्ट में शामिल किया गया। ठाकुर तीन साल बाद अपना दूसरा टेस्ट मैच खेलने उतरे और उन्होंने इस मौके का बखूबी इस्तेमाल किया। उन्होंने पहली पारी में तेज गेंदबाजी से तीन विकेट चटकाए और फिर बल्लेबाजी में 67 रन की बेहतरीन पारी खेली। हालांकि इंग्लैंड दौरे से पहले रविंद्र जडेजा के ठीक होने की संभावना है और फिर उनकी टीम में वापसी तय होगी। ऐसे में ठाकुर को बाहर बैठना पड़ सकता है।
टी नटराजन:
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नेट गेंदबाज के तौर पर टीम इंडिया से जुड़े तेज गेंदबाज नटराजन के लिए सब कुछ एक सपने के पूरा होने जैसा रहा। खिलाड़ियों की चोट ने उन्हें पहले वन-डे, फिर टी-20 सीरीज और अब आखिरी टेस्ट में भी भारत की तरफ से डेब्यू का मौका दे दिया। तमिलनाडु के इस तेज गेंदबाज ने भी मौके का भरपूर फायदा उठाया और अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीता। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भुवनेश्वर, इशांत, शमी और उमेश के लौटने के बाद नटराजन को बाहर बैठना पड़ सकता है।
वाशिंगटन सुंदर:
तमिलनाडु के इस 21 वर्षीय गेंद गेंदबाजी ऑलराउंडर की किस्मत भी तब चमकी जब आखिरी टेस्ट में उन्हें चोटिल रविचंद्रन अश्विन की जगह शामिल किया गया। 2017 में अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले सुंदर को यहां टेस्ट में पदार्पण का मौका दिया गया। उन्होंने भी इसका फायदा उठाया और अपने पहले मैच की पहली पारी में ही कई रिकॉर्ड बना डाले। उन्होंने गेंदबाजी में तीन विकेट लेने के साथ ही बल्लेबाजी में भी 62 रनों की पारी खेली। हालांकि अश्विन की वापसी के बाद उनका प्लेइंग इलेवन में बने रहना मुश्किल होगा।
मोहम्मद सिराज
हैदराबाद के 26 वर्षीय गेंदबाज को मोहम्मद शमी के चोटिल होने के बाद मेलबर्न में डेब्यू का मौका मिला। इसके बाद सिडनी में उमेश के चोटिल होने के बाद वह टीम के दूसरे प्रमुख गेंदबाज बने और आखिरी टेस्ट में बुमराह के चोटिल होने के बाद वह टीम के मुख्य गेंदबाज बन गए। दो टेस्ट के अंदर ही सिराज को टीम का प्रमुख गेंदबाज बनने का मौका मिला और उन्होंने भी अपनी गेंदबाजी से छाप छोड़ी। पहले मैच में पांच विकेट लेने के बाद सिडनी में भी उन्होंने दो विकेट लिए और फिलहाल ब्रिस्बेन में जबरदस्त गेंदबाजी कर रहे हैं। बावजूद इसके उनके इंग्लैंड के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में शामिल होने की उम्मीद कम ही है।