विनोद कांबली भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा नाम जो हमेशा सुर्खियों में बना रहा। कभी क्रिकेट में रिकार्ड्स के लिए, कभी फिल्मों और राजनीति में एंट्री के लिए तो कभी महान सचिन तेंदुलकर की दोस्ती या उनके साथ की गई रिकॉर्ड साझेदारी के लिए, लेकिन सब कुछ करने के बाद भी कांबली कभी उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाए जहां वे पहुंचना चाहते थे। कांबली आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं, ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं उनके करियर पर।
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सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली
- फोटो : सोशल मीडिया
कांबली का जन्म 18 जनवरी 1972 को मुंबई के कंजुरमार्ग स्थित इंदिरा नगर में हुआ था। उनके पिता गणपत कांबली एक मेकैनिक हुआ करते थे और बहुत मुश्किल से 7 लोगों के परिवार का पालन-पोषण करते थे। विनोद कांबली का क्रिकेट करियर छोटा, लेकिन दमदार और रिकॉर्ड्स से भरा रहा। सचिन के बचपन के दोस्त कांबली ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में उनके साथ ही डेब्यू किया था।
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सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली
- फोटो : ट्विटर @BCCI
इसी दौरान उन्होंने सचिन के साथ मिलकर स्कूल क्रिकेट में विश्व कीर्तिमान बना डाला। दोनों ने मिलकर शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए सेंट जेवियर के खिलाफ 664 रनों की साझेदारी की। इस दौरान कांबली ने नाबाद रहते हुए 349 रन बनाए थे। इस रिकॉर्ड साझेदारी के बाद दोनों चर्चा में आए। इसके बाद तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया, जबकि कांबली को एक साल बाद 1989 में यह मौका मिला।
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विनोद कांबली
- फोटो : getty
कांबली के सीनियर क्रिकेट क्लब में एंट्री का अलग ही किस्सा है जो काफी मशहूर है। इसके मुताबिक उनके पिता गणपत उन्हें एक सीनियर क्लब के सचिव के पास ले गए थे। वहां अधिकारी ने विनोद को देखकर कहा कि 'तेज गेंदबाज इसकी जान ले लेंगे। मैं इस बच्चे को हमारे साथ खेलाने का रिस्क नहीं ले सकता।' यह कहकर वहां के सचिव ने कांबली को अपने साथ जोड़ने से इनकार कर दिया।
इसके बाद एक दिन कांबली अपने दोस्त सचिन का मैच देखने शिवाजी पार्क पहुंचे। सचिन कांगा लीग की एफ डिविजन टीम, 'जॉन ब्राइट क्लब' की ओर से खेल रहे थे। इत्तेफाक से उस टीम की प्लेइंग इलेवन के लिए एक खिलाड़ी की कमी हो रही थी। तब कोच ने कांबली से बात कर उन्हें अपनी एकादश में शामिल कर लिया।