27 मार्च 2024 की शाम थी। रोशनी से जगमगाते हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में जब सनराइजर्स ने मुंबई इंडियंस का सामना किया, तो दर्शकों की नजरें पहले ट्रेविस हेड पर टिकी थीं। हेड ने महज 18 गेंदों पर अर्धशतक लगाया, लेकिन असली आतिशबाजी तब हुई जब पंजाब के अमृतसर से आए बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा मैदान पर उतरे।सिर्फ 23 गेंदों में सात छक्के और तीन चौकों से मुंबई के दिग्गज गेंदबाजों को चारों खाने चित्त कर दिया।
उनकी इस धुआंधार पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदल दिया बल्कि उन्हें देशभर की सुर्खियों में ला खड़ा किया। अभिषेक शर्मा आज अपना 25वां जन्मदिन मना रहे हैं। बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज और उपयोगी स्पिनर के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अभिषेक का करियर अब तक शानदार उपलब्धियों से भरा रहा है। हालांकि, भारतीय टीम तक का सफर इतना आसान नहीं रहा है। उन्हें कई चुनौतियों और संघर्षों का सामना करना पड़ा है। आइए उनकी कहानी जानते हैं...
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अभिषेक शर्मा
- फोटो : IPL
अमृतसर की गलियों से क्रिकेट की ओर सफर
अभिषेक शर्मा का जन्म चार सितंबर 2000 को पंजाब के अमृतसर में हुआ। वे तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके पिता राजकुमार शर्मा खुद पंजाब के लिए लेफ्ट-आर्म स्पिनर रह चुके हैं। 1985-86 में अंडर-22 विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल तक उन्होंने टीम का हिस्सा रहते हुए क्रिकेट खेला। मगर परिस्थितियों ने उनका करियर रोक दिया। दुबई जाकर भी सफलता नहीं मिली तो वे लौटकर बैंक ऑफ इंडिया के लिए खेले और बाद में अमृतसर गेम्स एसोसिएशन के कोच और सेलेक्टर बने। पिता का अधूरा सपना बेटे में पूरा करने का निश्चय उन्होंने किया और यही जुनून अभिषेक की नसों में दौड़ा। महज तीन साल की उम्र में जब बच्चों के खिलौने हाथ में होते हैं, तब अभिषेक प्लास्टिक के बल्ले से शॉट खेलने लगे।
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अभिषेक शर्मा
- फोटो : IPL/BCCI
पिता की सीख और बचपन की मेहनत
अभिषेक ने डीपीएस अमृतसर से पढ़ाई की और फिर डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन। पढ़ाई में अच्छे थे, लेकिन दिल क्रिकेट पर टिका रहा। पिता राजकुमार रोजाना उन्हें प्रैक्टिस के लिए ले जाते। यही मेहनत रंग लाई जब उनका चयन पंजाब अंडर-14 टीम में हुआ। श्रीनगर में हुए अंडर-14 मुकाबले के दौरान महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने उनकी गेंदबाजी देखी और तारीफ की। बेदी ने कहा कि अभिषेक एक बेहतरीन ऑलराउंडर बन सकते हैं।
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अभिषेक शर्मा
- फोटो : BCCI
रणजी डेब्यू और ऑलराउंड प्रदर्शन
सिर्फ 16 साल की उम्र में अभिषेक ने रणजी ट्रॉफी में कदम रखा। हिमाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने पहली ही पारी में 94 रन बनाए और एक विकेट भी लिया। हरभजन सिंह ने उन्हें कैप पहनाई और डेब्यू यादगार बना दिया। उस मैच से साफ हो गया था कि यह लड़का आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकता है।
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अभिषेक शर्मा
- फोटो : BCCI
अंडर-19 का चमकता सितारा
2016 में अभिषेक को भारतीय अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया। उनकी कप्तानी में टीम ने इमर्जिंग एशिया कप जीता। हालांकि 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले कप्तानी पृथ्वी शॉ को मिल गई, लेकिन अभिषेक ने बतौर खिलाड़ी टीम में अहम योगदान दिया। बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने शानदार अर्धशतक जड़ा और गेंदबाजी में भी विकेट निकाले। 2015-16 में विजय मर्चेंट ट्रॉफी में 1200 रन और 57 विकेट लेकर वे पहले क्रिकेटर बने जिन्होंने दो 'राज सिंह डूंगरपुर अवॉर्ड' जीते।