नोटबंदी के चलते सारा देश लाइन में लगा है। हालात सबके सामने हैं, लेकिन ऐसे में बैंकों की सच्चाई भी देखना जरूरी है। देखिए, ये रिपोर्ट।
नोटबंदी में लोगों के हालात तो देख लिए, बैंकों की सच्चाई भी जान लीजिए
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नोटबंदी के बाद बैंक और डाकघर अब तक गुलजार है। बैंक के खुलने से पहले रोज कतार पैसे लेने के लिए लग जाती हैं। अब तक बैंकों के बाहर लाइन कम होने का नाम नहीं ले रही हैँ। यही कारण है कि नित-नई गाइड लाइन के अनुरूप बैंकों-डाकघर प्रबंधन को व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ रहा है।
आरबीआई की ओर से आठ नवंबर को नोटबंदी के दिन से अब तक बैंकों के सीसीटीवी फुटेज का डाटा संभालने के नए निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप बैंकों की हकीकत जानने के लिए जब बैंकों का दौरा किया गया तो पाया गया कि नित नई गाइडलाइंस के अनुरूप खुद को ढालने के लिए बैंक पूरी तरह से सतर्क हैं। हर बैंक में प्रवेश द्वार से लेकर कैशियर तक की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही है।
कपूरथला के माल रोड स्थित इलाहाबाद बैंक के मैनेजर नरेश कुमार ने कहा कि उनके बैंक में सभी जरूरी प्वाइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उन्होंने पहले ही बैंक की हर गतिविधि को किसी भी समय जांचने या देखने के लिए एक माह की समयावधि की फीडिंग की है। जब भी आरबीआई को फुटेज की जरूरत पड़ेगी, उसे भेज दिया जाएगा।
रेलवे रोड स्थित आईडीबीआई बैंक प्रबंधक राजीव अरोड़ा के अनुसार उन्होंने पहले से ही सीसीटीवी की समयावधि 90 दिन की रखी है। उनके पास नोटबंदी से लेकर अब तक का पूरा डाटा है। इस मामले में वह हस्तक्षेप नहीं करने देते हैं और सीसीटीवी की रिकार्डिंग का संचालन उनकी देखरेख और मौजूदगी में होता है।