रेसलर द ग्रेट खली के बाद भारत का एक और पहलवान न सिर्फ WWE में उतरा, बल्कि जीत के साथ उनकी तरह नाम भी कमाया, जानिए कौन है?
ये रेसलर हैं सोनीपत के छोटे से गांव बाधड़ के रहने वाले सतेंद्र डागर। 6 फुट 4 इंच लंबे और 235 पाउंड के सतेंद्र डागर को WWE में 'जीतरामा' नाम से जाना जाता है। रविवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में हुई डब्ल्यूडब्ल्यूई की फाइट में उन्होंने चाद गबले को हराकर वाहवाही लूटी। यह दूसरी बार हुआ, जब सतेंद्र ने गबले को हराया।
हरियाणा के छोटे से गांव के अखाड़े से पहलवानी शुरू करके डब्ल्यूडब्ल्यूई तक पहुंचे सतेंदर डागर का सफर रोचक रहा है। शुद्ध शाकाहारी होने के बावजूद सतेंदर ने पहलवानी के क्षेत्र में नाम कमाया है। जनवरी 2016 में नई दिल्ली में खेले गए WWE के मुकाबले में सतेंद्र ने चाद गबले को हराकर डेब्यू किया। सतेंद्र ने यह फाइट दो मिनट में जीती थी।
सतेंद्र डागर भारतीय कुश्ती में स्टैंडआउट हैं। वे दो बार नेशनल हैवीवेट चैम्पियन रह चुके हैं। तीन बार हिंद केसरी बन चुके हैं और अब WWE में अपना दम खम दिखा रहे हैं। सतेंदर के पिता वेदपाल हरियाणा पुलिस में थे। वह क्राइम ब्रांच में एसआई के पद से 2009 में रिटायर हो चुके। सतेंदर के दादा रामदिया भी पहलवान थे और उन्होंने छोटी सी उम्र में ही सतेंद्र को पहलवान बनाने की ठान ली थी।
दादा जी का निधन हो गया तो सतेंदर ने खुद का अखाड़ा बनाया और प्रैक्टिस की। पिता वेदपाल, मां कृष्णा देवी और छोटे भाई सुधीर ने सतेंदर के सपनों को उड़ान देने में पूरा सहयोग किया। फिर सतेंदर चंडीगढ़ पहुंचे और प्रैक्टिस शुरू की। चंडीगढ़ में 2016 में डब्लूडब्लूई की टीम ट्रायल लेने आई थी, सतेंद्र वहां पहुंच गए और उनका सिलेक्शन हो गया।