इंग्लैंड के खिलाफ जहां एक तरफ युवराज सिंह छक्के और चौके जड़ रहे थे तो वहीं चंडीगढ़ में अपने घर पर बैठी उनकी मां शबनम सिंह उनकी लंबी पारी के लिए दुआ कर रही थीं। मैच के दौरान शबनम ने युवराज की पूरी पारी टीवी पर नहीं देखी बल्कि बेटे के शतक के लिए दुआ मांगती रहीं।
जब मैदान में बेटा चौके-छक्के लगा रहा था तो मां घर में कर रही थीं दुआ
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जैसे ही युवराज सिंह ने इंग्लैंड के लिए खिलाफ शतक के साथ अपना सर्वाधिक स्कोर बनाया, शबनम सिंह तुरंत हंसाली वाले वाले बाबी जी को आशीर्वाद लेने निकल गईं। लेकिन युवराज सिंह के भाई जोरवार सिंह घर में मौजूद रहे। शतक के बाद उनके घर के आसपास खुशी का मौहाल बन गया। युवी के पड़ोसी के एल सचदेवा ने जोरवार सिंह को मिठाई खिला कर मुंह मीठा कराया।
इस दौरान चंडीगढ़ यूथ एसोसिएशन के प्रधान अंकित अरोड़ा के साथ युवी केप्रशंसक सुशील जैन, राजेश अग्रवाल, आनंद गोयल, राकेश कुमार ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। सिटी ब्यूटीफुल के युवराज सिंह ने 118 के स्ट्राइक रेट से 127 गेंदाें पर 150 रन बनाए। इस पारी में 21 चौके और 3 छक्के जमाए।
भाई ऐसी इंनिग और खेलेगा
युवराज सिंह केशतक बनाने से भाई जोरावर सिंह काफी खुश दिखाई दे रहे थे। उन्हाेंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि, ‘भाई में काफी टैलेंट है, ऐसी धमाकेदार पारियां तो अभी और देखने को मिलेंगी। भाई की शादी केबाद यह दूसरा खुशी का मौका परिवार के लिए आया है। आज का दिन वाकई में खास है।’
यह मेरी बेस्ट इनिंग
मैच के बाद युवराज सिंह ने कहा कि यह उनकी सबसे बेहरतरीन पारियों में से एक हैं। उन्होंने कहा. ‘मैने आखिरी बार 2011 वर्ल्ड कप में शतक लगाया था। पिछले घरेलू सीजन में बल्ले केसाथ बेहतर किया था। आज माही केसाथ शतक जमाते हुए फिर वही सुनहरे दिन याद आ गए। धोनी भारत के लिए बेहतरीन कप्तान रहे हैं, उनके साथ खेलना अपने आप में अलग अनुभव रहता है। दोस्ती हो तो ऐसी, माही और युवी जैसी- माही को जब भी सहारा दिया तो युवराज ने।