पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं ने पूरे पंजाब को अपनी चपेट में ले रखा है। बीते एक सप्ताह से आसमान में बादल छाए रहने के कारण सूर्य देव के दर्शन लोगों को दुर्लभ हो गए है। इसी कारण हर दिन तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सर्दी रोज कोई न कोई रिकॉर्ड तोड़ रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में बठिंडा प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, यहां 2.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड का कहर जारी, टूटा 50 साल का रिकॉर्ड, तस्वीरों में देखें पंजाब का हाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम विभाग के अनुसार बठिंडा के बाद फिरोजपुर में 4 डिग्री, जालंधर में 4.8 डिग्री, कपूरथला और अमृतसर में 5 डिग्री, लुधियाना में 5.6, आनंदपुर साहिब में 6.2, पटियाला में 6.9 तो पठानकोट में सुबह का तापमान 7.4 डिग्री रहा है। आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलती दिख नहीं रही है। गौर हो कि सूबे के कई शहरों में हालात ये हैं कि न्यूनतम और अधिकतम तापमान में ज्यादा फर्क नहीं रहा है।
शुक्रवार को लुधियाना का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा तो अधिकतम तापमान 8.8 डिग्री रहा है। यानी सुबह और दोपहर के तापमान में महज तीन डिग्री का अंतर रहा। फरीदकोट में सुबह का तापमान 4.5 डिग्री रहा तो दोपहर का तापमान 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। गुरदासपुर में सुबह का तापमान 5.8 डिग्री और दोपहर का तापमान 9 डिग्री रहा है।
वूलन की जगह जैकेट के कारोबार में तेजी
दिसंबर में शुरू से शीतलहर ने हौजरी कारोबारियों के चेहरे खिला दिए हैं। जिस तरह से शीतलहर का दौर चल रहा है, उससे वूलन कारोबारियों को ज्यादा फायदा नहीं मिल रहा है। इसका बड़ा कारण है कि अब स्वेटर की जगह जैकेट की मांग बढ़ गई है। क्योंकि जैकेट सर्दी से बचने के लिए सबसे कारगार साबित हो रही है। निटवेयर क्लब प्रधान दर्शन डाबर बताते हैं इस बार सर्दी का मौसम कारोबारियों के लिए अच्छा साबित हो रहा है। वूलन की जगह जैकेट की मांग सबसे ज्यादा है। फैक्ट्ररियों के पास स्टॉक न के बराबर चल रहा है। अगर यह मौसम जनवरी के अंत तक चला तो पुराना स्टॉक भी खत्म हो जाएगा।
दिसंबर में इतना तापमान नहीं गिरा
पीएयू मौसम विभाग की डॉक्टर केके गिल ने बताया कि पीएयू के पास मौसम के संबंध में 1970 से रिकॉर्ड है। इन आंकड़ों को खंगालने पर पता चला है कि इतना कम तापमान हमेशा जनवरी में होता है। इस बार सर्दी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। न्यूनतम तापमान के साथ अधिकतम तापमान में भी सबसे ज्यादा गिरावट आई है। 30 दिसंबर के बाद सर्दी में कुछ राहत मिलने की संभावना है। शीतलहर के कारण गेहूं की फसल को कोई ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं है, लेकिन सब्जियों की फसल पर इसका असर पड़ सकता है।