मशहूर सिंगर परमीश वर्मा को गोली माने वाले हरविंदर सिंह हैप्पी को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने का मामला सामने आया है, देखिए तस्वीरें।
शुक्रवार को अदालत में पेशी के बाद पुलिस ने उसे हिमाचल नंबर की स्कॉर्पियो से जेल पहुंचाया। उक्त वाहन को आरोपी के जानकार ही चला रहे थे। जबकि पुलिस के जवान और आरोपी पिछली सीट पर बैठे थे। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-आठ चौकी के इंचार्ज सुमित मोर अकेले ही अपनी सरकारी जिप्सी में एसएसपी आफिस की तरफ जाने वाली सड़क पर निकल गए। इस मामले से एक बार फिर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने कहा कि यह बात उनके ध्यान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो इस मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शुक्रवार दोपहर करीब पौने तीन बजे का है। जब इंडस्ट्रियल एरिया फेज-आठ चौकी के मुलाजिम आरोपी को लेकर अदालत के बाहर पहुंचे तो वहां पर पहले से ही हिमाचल नंबर एचपी-12के 0245 सफेद रंग की स्कॉर्पियो खड़ी थी।
वहीं पर पुलिस की जिप्सी भी खड़ी थी। इस दौरान पुलिस वाले आरोपी को सीधे स्कॉर्पियों में बैठा दिया। आरोपी को पेश करने के लिए चौकी से जो पुलिस मुलाजिम अदालत आए थे, वे भी उक्त कार में बैठ गए। आरोपी से मिलने पहुंचे उसके जानकार वहां पर जुट गए और उससे बातचीत करने लगे। इसके बाद पुलिस वाले अगली सीट से उतरकर आरोपी के साथ पिछली सीट पर बैठ गए। आरोपी का जानकार ड्राइवर सीट पर बैठा और गाड़ी को लेकर रवाना हो गया।
चौकी इंचार्ज सरकारी जिप्सी में बैठे और एसएसपी आफिस की ओर जाने वाली सड़क पर चले गए। पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। जिक्रयोग है कि हाईप्रोफाइल आरोपियों का वीआईपी ट्रीटमेंट देने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पूर्व मंत्री राणा गुरजीत के भतीजे को पुलिस ने पेशी के दौरान वीआईपी ट्रीटमेंट दी थी। उसे पर्सनल कार में पेश करने लाया गया था।