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Udham Singh Jayanti: घर में घुसकर दुश्मन को मारा, लिया जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला

Fri, 31 Jul 2020 02:07 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 31 Jul 2020 02:07 PM IST
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Udham Singh Jayanti: Indian Freedom Fighter Shaheed Udham Singh Life Profile
शहीद उधम सिंह - फोटो : अमर उजाला
आज भारत मां के उस वीर सपूत की पुण्यतिथि है, जिसने दुश्मन को उसी के घर में घुसकर मारा और जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लिया था। उनका बचपन अनाथालय में बीता, लेकिन दिल में आजादी की ज्वाला ऐसी था कि शहीद कहलाया।
Udham Singh Jayanti: Indian Freedom Fighter Shaheed Udham Singh Life Profile
शहीद उधम सिंह
हम बात कर रहे हैं शहीद उधम सिंह की, जिनका जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम गांव में हुआ था। सन 1901 में उधम सिंह की माता और 1907 में उनके पिता का निधन हो गया। इस घटना के चलते उन्हें अपने बड़े भाई के साथ अमृतसर के एक अनाथालय में शरण लेनी पड़ी। उधम सिंह का बचपन का नाम शेर सिंह और उनके भाई का नाम मुक्ता सिंह था, जिन्हें अनाथालय में क्रमश: उधम सिंह और साधु सिंह के रूप में नए नाम मिले।
Udham Singh Jayanti: Indian Freedom Fighter Shaheed Udham Singh Life Profile
शहीद उधम सिंह - फोटो : फाइल फोटो
बाद में सरदार उधम सिंह ने भारतीय समाज की एकता के लिए अपना नाम बदलकर राम मोहम्मद सिंह आजाद रख लिया था, जो भारत के तीन प्रमुख धर्मों का प्रतीक है। ऊधम सिंह ने पासपोर्ट बनवाने के लिए अपना नाम बदल लिया था। गदर पार्टी से जुड़ने के बाद उधम सिंह पांच साल तक कारावास में भी रह कर आये थे। जेल से निकलने के बाद पासपोर्ट बनवा कर विदेश जाने की ठानी। भगत सिंह उनके दोस्त थे, दोनों लाहौर जेल में एक बार मिले भी थे।
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Udham Singh Jayanti: Indian Freedom Fighter Shaheed Udham Singh Life Profile
शहीद उधम सिंह - फोटो : फाइल फोटो
उधम सिंह भले ही अनाथालय में पल रहे थे, पर देश प्रेम को अपने अंदर पाल रहे थे। अनाथालय में उधम सिंह की जिंदगी चल ही रही थी कि 1917 में उनके बड़े भाई का भी देहांत हो गया। वह पूरी तरह अनाथ हो गए। 1919 में उन्होंने अनाथालय छोड़ दिया और क्रांतिकारियों के साथ मिलकर आजादी की लड़ाई में शमिल हो गए और देश की आजादी तथा डायर को मारने की अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए लगातार काम करते रहे।
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Udham Singh Jayanti: Indian Freedom Fighter Shaheed Udham Singh Life Profile
शहीद उधम सिंह - फोटो : फाइल फोटो
उधम सिंह के सामने ही 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग नरसंहार हुआ था। वे प्रत्यक्षदर्शी थी। वे गवाह थे उन हजारों बेनामी भारतीयों की नृषंश हत्या के, जो तत्कालीन जनरल डायर के आदेश पर गोलियों के शिकार हुए थे। यहीं पर उन्होंने जलियांवाला बाग की मिट्टी हाथ में लेकर जनरल डायर और पंजाब के गवर्नर माइकल ओ डायर को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा ले ली, जिसके बाद क्रांतिकारी बन गए।
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