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जीएसटी की मार झेल रहे लोगों के लिए बुरी खबर, पंजाब में व्यापार करना हुआ महंगा, जानिए कैसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Aug 2018 03:43 PM IST
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Chandigarh GST
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जीएसटी की मार झेल रहे लोगों और व्यापारियों को यह खबर पढ़कर झटका लगेगा। दरअसल, अब पंजाब में बिजनेस करना महंगा पड़ेगा, जानना चाहेंगे कैसे तो क्लिक कीजिए।
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पंजाब में अगले कुछ महीनों के दौरान कई वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत गांव और शहरों में आवासीय संपत्तियों से इतर संपत्तियों पर लीज की राशि में बढ़ोतरी की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में गैर आवासीय संपत्तियों पर लीज के रूप में डेढ़ लाख रुपये शुल्क लिया जाएगा जबकि शहरी इलाकों में यह राशि आबादी के घनत्व के अनुसार डेढ़ लाख से 6 लाख रुपये तक रहेगी।
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दस लाख से कम आबादी वाले शहरी क्षेत्र में लीज की राशि डेढ़ लाख रुपये रहेगी लेकिन 10-20 लाख की आवादी वाले क्षेत्र में 3 लाख रुपये और 20 लाख व उससे अधिक आबादी वाले इलाके में 6 लाख रुपये होगी। वित्त विभाग का अनुमान है कि विभिन्न तरह के शुल्कों में इजाफा करने से सरकारी खजाने में करीब 150 करोड़ रुपये तुरंत आएंगे। इसके साथ ही, सरकार ने कई शुल्क जोकि अब तक वन टाइम चार्ज किए जाते थे, उन्हें वार्षिक करने का फैसला किया है। प्राइवेट इमारतों जिनमें स्कूल, कालेज, होटल व सिनेमाघर शामिल हैं, के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट की फीस अब वार्षिक शुल्क के रूप में वसूली जाएगी।
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रंग रोगन पर भी जीएसटी का साया
- फोटो : Rupesh
नोटिफिकेशन के अनुसार 10 हजार वर्ग फुट से कम क्षेत्र की प्राइवेट इमारत के लिए 5000 रुपये सालाना, 10-50 हजार वर्ग फुट की इमारत के लिए 10 हजार रुपये सालाना, 50 हजार-एक लाख वर्ग फुट की इमारत के लिए 15000 रुपये सालाना और 1 लाख वर्ग फुट से अधिक रकबे की इमारत के लिए 20 हजार रुपये फीस तय की गई है। इसी तरह, टेंडर फीस में भी इजाफा किया गया है। अब 10 लाख रुपये तक के टेंडर के लिए डाक्युमेंट फीस 2 हजार रुपये, 10 लाख से 1 करोड़ तक के टेंडर पर 5 हजार रुपये, 1-2 करोड़ के टेंडर पर 10 हजार रुपये, 2-5 करोड़ रुपये के टेंडर पर 20 हजार रुपये शुल्क वसूला जाएगा।
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जीएसटी लागू होने के बाद परेशान कपड़ा व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
5-10 करोड़ रुपये के टेंडर पर 30 हजार रुपये, 10-50 करोड़ के टेंडर पर 50 हजार रुपये और 50 करोड़ रुपये से अधिक के काम संबंधी टेंडर की डाक्युमेंट फीस एक लाख रुपये लागू होगी। प्रदेश के 3368 पेट्रोल पंप मालिकों से अब तक सड़क से पेट्रोल पंप तक पहुंच के लिए जो 750 रुपये लीज राशि के तौर पर लिए जा रहे थे, वह अब 80 हजार रुपये वन टाइम कर दी गई है। इसके अलावा विभिन्न शुल्कों के रूप में, लिंक सड़कों पर स्थापित पेट्रोल पंप मालिकों से ढाई लाख रुपये, जिलों की बड़ी सड़कों के पेट्रोल पंपों से 3.5 लाख रुपये और राजमार्गों के पेट्रोल पंपों से 4 लाख रुपये शुल्क वसूला जाएगा।