तीन चिताएं एक साथ जलीं तो घर में कोहराम मच गया। एक महिला की जिंदगी ही उजड़ गई, न बाप रहा न सुहाग बचा, न बेटा रहा और न बेटी। देखिए तस्वीरें।
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dilshad garden fire
- फोटो : अमर उजाला
घटना 7 जुलाई की है। दिल्ली में यमुनापार के सीमापुरी इलाके में स्थित दिलशाद कॉलोनी में लगी आग में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। उनमें से तीन का अंतिम संस्कार पंजाब के फिरोजपुर में किया गया। वहीं एक का अंतिम संस्कार दिल्ली में किया गया। आगजनी ने दो परिवारों को तबाह कर दिया और महिला को जीते जी मार दिया।
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आग मीटर बोर्ड से शुरू होकर बाइक में लगी, जहां से उठी लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। मरने वाले लोगों में विजय कुमार वर्मा(63), संजय वर्मा(45), बेटी हरशू (12) व चीकू(4) शामिल हैं। वहीं घायलों में मोना वर्मा(32) और दिनेश राठी(40) शामिल हैं। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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मोना मृतक संजय वर्मा की पत्नी है, जबकि विजय वर्मा मोना के पिता थे। हरशू और चीकू मोना के बच्चे थे। 6 जुलाई को हरशू का जन्मदिन था और धूमधाम से सेलिब्रेट किया गया था, लेकिन मोना को यह नहीं पता था कि अगले ही दिन वो छोड़कर चली जाएगी। हादसे को याद कर करके मोना बहहवास हो जा रही है।
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घायल दिनेश राठी ने बताया कि जिस समय घर में आग लगी थी, उस समय संजय अपने बेटे चीकू को गोद में उठाकर छत की तरफ भाग रहा था, जबकि संजय का ससुर हर्षू को लेकर घर से निकलने का प्रयास कर रहा था। ये लोग मकान के अंदर धुंआ भरने से बेहोश हो गए और दम घुटने से मौत हो गई। संजय दिल्ली में बिजनेस करता था।