चंडीगढ़ के राजिंदरा पार्क में सेना और पंजाब आर्म्ड पुलिस के जोशीले घुड़सवारों के हैरतअंगेज करतबों और मोटरसाइकिल सवारों के गगनचुंबी छलांगों को देख हर कोई भौचक्का रह गया। इसी के तीसरे मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल का आगाज हो गया। इसका उद्घाटन पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने किया।
मिलिट्री फेस्टः भारतीय जांबाजों के हैरतअंगेज करतब, तस्वीरों में देखें रोमांचकारी पल
यह कार्यक्रम पंजाब सरकार और वेस्टर्न कमांड के तत्वाधान में आयोजित किया गया है। इस दौरान चार बाई चार जीप चालकों की ऑफ रोडिंग ने जहां लोगों को रोमांच भर दिया। वहीं पार्क में खड़े टी 90 टैंक, लाइट एंड मीडियम मशीन और शानदार बंदूकों के अलावा रक्षा हथियारों की प्रदर्शनी ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कार्निवल के दौरान एमएम 50, जिप्सी, थार, पोलारिस और फोर्स गुरखा, बलैरो जैसी विश्व प्रसिद्ध गाडियों पर सवार होकर नौजवान चालकों ने अपने हौसले, शक्ति और सहनशीलता के साथ साहस का परिचय दिया।
इसमें पचास से ज्यादा चालकों ने हिस्सा लिया। इसमें रक्षा सेनाओं के जोश और निडरता का प्रदर्शन किया गया। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि इस कार्निवल का उद्देश्य नौजवानों को फौजी विरासत की जानकारी देने के साथ साथ उनमें देशभक्ति की भावना को भरना है। उन्होंने नौजवानों में राष्ट्र निर्माण की भावना को विकसित करने के लिए रक्षा अधिकारियों के इस प्रयास की सराहना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सीनियर सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) टीएस शेरगिल ने कहा कि पंजाब और भारतीय सेना एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर लड़के-लड़कियां हमेशा देश की सेवा करने में अग्रणी रहे हैं। इस भावना और वचनबद्धता को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इस मौके पर यहां कई स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेटों की उपस्थिति ने सभी का दिल जीत लिया।
प्रदर्शनी में रखे गए ये हथियार
नौजवानों में देशभक्ति की भावना पैदा करने के लिए कार्निवल में हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें ऑटोमेटिक ग्रेनेड लांचर, आईएनएसएएस राइफल से लेकर भारतीय हथियारबंद सेनाओं के तोपखाने, बख्तरबंद और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विलक्षण अनुसंधानों के साथ-साथ एंटी एयरक्राफ्ट एल 70 बंदूकों को डिस्पले पर रखा गया।
हथियारों की इस प्रदर्शनी में दूसरी सिख रेजीमेंट और फर्स्ट गार्ड, 25 एयर डिफेंस रेजीमेंट के साथ 270 इंजीनियर और 12 हथियारबंद रेजीमेंट शामिल थी। इसमें किसी भी रासायनिक या जैव-वैज्ञानिक हमले के खिलाफ हमारी फौज के तकनीकी विकास और रक्षा तैयारियों की गति को दिखाना इस प्रदर्शनी का आकर्षण था।
सेना की ओर से जंग के दौरान इस्तेमाल की गई क्वांटम स्निफर, नॉन लिनियर जंकट डिटेक्टर और माइन डिटेक्टिंग सेट और 12 सीटर न्यूमेटिक किश्ती ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इस दौरान युवा और बच्चे इन हथियारों को देखकर काफी उत्साहित हुए। सेना ने उनका उत्साहवर्धन बढ़ाने के लिए उन्हें हर हथियार की बारीकी से जानकारी दी।