BSF में खराब खाने का वीडियो वायरल करने के बाद सुर्खियों में आए तेजबहादुर एक के बाद चौंकाने वाले खुलासे कर रहे हैं। ताजा बयान में तेजबहादुर ने एक नया खुलासा किया है।
तेजबहादुर ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद से हर समय जान का खतरा मंडरा रहा था। नजरबंद करने के साथ ही मोबाइल भी छीन लिए गए। घर पर बात भी नहीं होने दी। इसके बाद पत्नी ने दिल्ली में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
उस दौरान उन्हें एक घंटे खेलने को भी मिलता था। इस दौरान भी उन पर नजर रखी जाती थी। धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वह पहले शख्स हैं जो आवाज उठाकर भी जिंदा लौटे हैं।
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तेजबहादुर के बाद मां ने भी खोला मोर्चा
उन्होंने कहा कि बीएसएफ में चालीस फीसदी हष्ट-पुष्ट जवानों को अधिकारियों ने अपने सहायक के तौर पर लगा रखे हैं। यही नहीं बीएसएफ में राशन की भी तीन कैटेगरी हैं। जेसीओ, ऑफिसर्स के लिए अच्छा जबकि जवानों के लिए सबसे घटिया राशन मिलता था।
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बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव
तेजबहादुर ने कहा कि खराब खाने का वीडियो वायरल होने के बाद बीएसएफ में जवानों के भोजन की क्वालिटी में सत्तर फीसदी का सुधार हुआ है लेकिन घालमेल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। इससे सेना और अर्धसैनिक बलों के भीतर होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लगती।