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बिना बिजली के कपड़े धोएगी यह वाशिंग मशीन, जानिए इसकी कीमत और खासियतें

Thu, 13 Sep 2018 09:53 AM IST
महेंद्र सुथार, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा)
महेंद्र सुथार, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा) Updated Thu, 13 Sep 2018 09:53 AM IST
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Teacher made a washing machine model by bicycles in sirsa
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एक सरकारी स्कूल के टीचर ने शानदार अविष्कार किया है। घर में वॉशिंग मशीन रखने का सपना अब हर गरीब का पूरा हो जाएगा। मशीन इतनी सस्ती है कि बड़ी-बड़ी कंपनियों के होश उड़ जाएंगे। आइए जानते हैं इस नई वॉशिंग मशीन के बारे में...
Teacher made a washing machine model by bicycles in sirsa
सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा के सिरसा में साइकिल के जरिए वॉशिंग मशीन का निर्माण किया गया है। अब साइकिल का इस्तेमाल कपड़े धोने की मशीन के लिए भी किया जा सकता है। गांव ममेरां कलां में स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में बतौर टीजीटी साइंस अध्यापक नियुक्त राययिंह ने करीब 1600 रुपए के खर्च व 15 दिन की मेहनत के बाद अध्यापक ने इस मॉडल का प्रारूप तैयार कर दिया। अध्यापक के इस कार्य की स्कूल स्टाफ के अलावा अन्य स्कूलों के अध्यापकों ने भी काफी सराहना की है। यही नहीं स्कूल में बनी साइंस लैब में छोटे-छोटे बच्चों को वे विज्ञान की वो बारीकियां सिखा रहे हैं। 
Teacher made a washing machine model by bicycles in sirsa
सांकेतिक तस्वीर
ममेरां कलां स्कूल में नियुक्त साइंस टीचर रायसिंह ने शुरू में रेन वाटर का मॉडल बनाया था। जिसे काफी सराहा गया था। धान के सीजन में उन्होंने पराली के समाधान के लिए एक मॉडल बनाया था, लेकिन उसे उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं मिल पाए। हाल ही में उन्होंने वॉशिंग मशीन का एक मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल में साइकिल व एक प्लास्टिक की टंकी का इस्तेमाल किया गया है। ये मॉडल हूबहू वाशिंग मशीन की तरह ही कपड़ों की धुलाई करता है। प्लास्टिक के डिब्बे के आर-पार सुराग कर उसमें एक लोहे का मोटा सरिया फिट किया गया है। 
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Teacher made a washing machine model by bicycles in sirsa
सांकेतिक तस्वीर
डिब्बे में लोहे की पतले सरियों से गोलाकार घेरा बनाकर उस पर धागे बांधे गए हैं। ताकि कपड़े अंदर फटे ना। डिब्बे की बाहर की ओर निकाले गए लोहे के सरिए पर एक लोहे का यंत्र लगाकर साइकिल की चेन के साथ अटैच किया गया है। साइकिल का पेडल घुमाने के साथ ही डिब्बे में लगाया गया लोहे के सरियों का जाल घूमने लगेगा। डिब्बे में पानी व सर्फ डालने के बाद यंत्र को घुमाने पर अपने आप झाग बनेंगे और फिर उसमें कपड़े डालने पर वाशिंग मशीन की तरह ही कपड़ों की धुलाई होगी। वहीं दूसरी ओर वर्तमान में सफाई व्यवस्था व सीवरेज ब्लॉक की समस्या को लेकर भी उन्होंने एक सिस्टम तैयार करने का प्लान बनाया है। 
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Teacher made a washing machine model by bicycles in sirsa
सांकेतिक तस्वीर
उन्होंने कहा कि जैसे गेहूं काटने के लिए रीपर का इस्तेमाल किया जाता है। रीपर गेहूं को काटकर एक साइड में डाल देती है। इसी प्रकार एक ऐसी मशीन इजाद की जाए। जिसके आगे या पीछे की ओर से तीन-चार झाड़ू लगाकर आगे सफाई होती रहे। मशीन कचरा एक साइड से निकालकर चेन सिस्टम से डस्टबिन में डालती जाए। जिससे की समय के साथ-साथ पैसे की भी बचत होगी। दूसरा रोजाना ब्लॉक रहने वाले सीवरेज को लेकर भी एक प्लान बना रहे हैं। जिससे लोगों को सीवर बंद होने की समस्या से निजात मिलेगी।  
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