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टॉपर्स की कहानीः कोचिंग न सोशल मीडिया का इस्तेमाल, म्हारी छोरियां नै कर्या कमाल

Fri, 03 May 2019 01:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद/हिसार/गुरुग्राम/रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद/हिसार/गुरुग्राम/रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 03 May 2019 01:16 AM IST
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Success story of Haryana's CBSE toppers 2019

सीबीएसई की 12वीं कक्षा में देश भर में दूसरा, तीसरा और चौथा स्थान हासिल करने वाली पानीपत की भव्या भाटिया, हिसार की रुबीना चीमा, गुरुग्राम की आकृति किरन, हिसार की ग्रेसी सिंह और रोहतक की दक्षिता राठी ने साबित किया है कि बिना कोचिंग भी अव्वल आया जा सकता है।



इन होनहारों का कहना है कि इन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर और पढ़ाई पर फोकस करके लक्ष्य को हासिल किया है। आईएएस और जज बनने की तमन्ना रखने वाली इन प्रतिभाओं ने रोजाना चार से छह घंटे तक पढ़ाई करके अपने सपनों को साकार किया है। इन्होंने अपनी मेहनत से भविष्य के सपने गढ़े हैं। 

Success story of Haryana's CBSE toppers 2019
भव्या भाटिया

किताबी कीड़ा नहीं : भव्या
जींद के सफीदों स्थित बीआरएसके इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा और पानीपत जिले के उरलाना गांव निवासी भव्या भाटिया रिजल्ट जानने स्कूल पहुंचीं तो भावुक हो गईं। भव्या कहती हैं कि वह किताबी कीड़ा नहीं हैं। वह घर के कामों में मां का हाथ बंटाती हैं। भव्या को पशुओं और पक्षियों से लगाव है। वह आईएएस बनना चाहती हैं। भव्या स्कूल में होने वाली हर प्रतियोगिता में भाग लेती रही हैं। वह खो-खो की खिलाड़ी हैं। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली भव्या की मां निजी स्कूल में अंग्रेजी की अध्यापिका हैं। 

Success story of Haryana's CBSE toppers 2019
आकृति किरन

सोशल मीडिया से रखी दूरी : आकृति 
कला संकाय की छात्रा गुरुग्राम निवासी आकृति किरन ने 99.2 फीसदी अंक हासिल कर हरियाणा में तीसरा स्थान हासिल किया है। डीयू में राजनीतिक विज्ञान में दाखिले की चाह रखने वाली आकृति आईएएस बनना चाहती हैं। अपनी कामयाबी का फंडे के बारे में वह बताती हैं कि उनकी चाहत स्कूल टॉप करने की थी। इसी मुताबिक पढ़ाई की और कामयाबी मिल गई। वह रोजाना चार से छह घंटे पढ़ाई करती थीं। उनके अभिभावकों ने पढ़ाई के लिए कभी दबाव नहीं बनाया। वह बताती हैं कि बारहवीं में आने के बाद सोशल मीडिया से दूरी रखी। हां, स्कूल में शिक्षकों से पढ़ाई के विषय में संपर्क करने के लिए व्हाट्सएप से जुड़ी रही। उन्हें पेंटिंग का शौक है। 

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Success story of Haryana's CBSE toppers 2019
छात्रा रुबानी

जरूरत के अनुसार किया सोशल मीडिया का प्रयोग : रुबानी 
मूलरूप से करनाल जिले के गांव पखाना की रहने वाली रुबानी ने पांच विषयों में से चार में 100 में 100 अंक प्राप्त किये हैं। रुबानी बताती हैं कि परीक्षा से कुछ दिन पहले तक रात दो बजे तक सहपाठियों के साथ हॉस्टल में पढ़ाई करती थी। सालभर नियमित पढ़ती थी, ताकि परीक्षा के समय दबाव न रहे। रुबानी बताती हैं कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी नहीं बनाई। जरूरत के अनुसार इसका प्रयोग करती थी। हालांकि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया का नाममात्र ही यूज किया। रुबानी ने किसी तरह की कोचिंग नहीं ली। साइकोलॉजी ऑनर्स की पढ़ाई करके वह न्यायिक क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहती हैं। 

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Success story of Haryana's CBSE toppers 2019
ग्रेसी सिंह

पॉलिटिकल साइंस में स्नातक करना चाहती हैं ग्रेसी 
माता-पिता की इकलौती संतान ग्रेसी सिंह ने 500 में 496 अंक हासिल किया है। वह मूलरूप से देहरादून की रहने वाली हैं। नौवीं कक्षा में हिसार के विद्या देवी जिंदल स्कूल में दाखिला लिया था। उनके पिता विनोद कुमार सिंह आर्मी में कर्नल हैं। मां सुचित्रा गृहिणी हैं। पॉलिटिकल साइंस में स्नातक करने के बाद ग्रेसी सिंह इंटरनेशनल अफेयर्स के क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहती हैं।

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