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किसान का जुनूनी बेटा, भारत का बढ़ा रहा मान, भाई के त्याग ने अमित को बनाया 'घातक बॉक्सर'

Fri, 31 Jan 2020 02:05 AM IST
ajay kumar भूपेंद्र आट्टा, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
भूपेंद्र आट्टा, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 31 Jan 2020 02:05 AM IST
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Special Interview of Boxer Amit Panghal with Amar ujala
अमित पंघाल - फोटो : अमर उजाला

वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत को रजत पदक दिलाने वाले अमित पंघाल ओलंपिक की तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। पंच की गति और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी तक अपनी पहुंच को मजबूत करने के बाद पंघाल अब ताकत बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। इसके लिए वो प्रतिदिन सुबह-शाम तीन-तीन घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं। 

Special Interview of Boxer Amit Panghal with Amar ujala
अमित पंघाल। - फोटो : अमर उजाला

किसान परिवार के बेटे मुक्केबाज अमित पंघाल बृहस्पतिवार को अमर उजाला कार्यालय पहुंचे और अपनी तैयारियों के बारे में खुलकर बात की। पंघाल ने बताया कि पिछले दिनों मुक्के की स्पीड और रीच पर बहुत काम किया है। लंबाई कम होने के कारण अब पावर की और अधिक जरूरत है, जिस पर वह कार्य कर रहे हैं। इस मौके पर उनके साथ चाचा राजनारायण पंघाल, हैवी वेट बॉक्सर हितेश चाहर, डॉक्टर जोगेंद्र मोर भी मौजूद रहे। 

Special Interview of Boxer Amit Panghal with Amar ujala
Amit panghal - फोटो : अमर उजाला

बड़े भाई के त्याग ने बनाया बॉक्सर
अमित के पिता विजेंद्र सिंह पेशे से किसान हैं। बड़े भाई अजय बॉक्सिंग किया करते थे। उनसे ही बॉक्सिंग के लिए प्रेरित हुए। लेकिन परिवार दोनों भाइयों में से किसी एक की ही ट्रेनिंग का खर्च वहन कर सकता था। तब बड़े भाई अजय ही थे, जिन्होंने अपने छोटे भाई अमित को प्रशिक्षण दिलाने पर जोर दिया।

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Special Interview of Boxer Amit Panghal with Amar ujala
बॉक्सर अमित पंघाल। - फोटो : अमर उजाला

घर आते हैं तो अपने पहले कोच अनिल धनखड़ के पास करते हैं प्रैक्टिस 
अमित ने कहा कि पहला गुरू ही सब कुछ होता है। वह जब भी घर आते हैं तो उनके पास प्रैक्टिस करने जरूर जाते हैं। उनसे ज्यादा से ज्यादा सीखने को मिलता है, वह बचपन से ही मुझे सिखा रहे हैं तो कमियों को जल्द पकड़कर उन पर काम कराते हैं। 

अमित की उपलब्धियां :

  • राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2017 स्वर्ण ।
  • एशियन चैंपियनशिप 2017 में कांस्य ।
  • राष्ट्रमंडल खेल 2018 में रजत ।
  • 2018 एशियाई खेलों में गोल्ड। 
  • एशियन चैंपियनशिप 2019 रजत ।
  • वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2019 रजत। 
  • स्ट्रांदजा मेमोरियल में लगातार दो बार स्वर्ण ।
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Special Interview of Boxer Amit Panghal with Amar ujala
अमित पंघाल। - फोटो : अमर उजाला

ओलंपिक क्वालिफायर पहले फरवरी की शुरुआत में चीन में होना था। मगर कोरोना वायरस की वजह से चीन की जगह अब क्वालिफायर जॉर्डन की राजधानी अमान में होंगे। अमित ने कहा कि मुक्केबाजी ने मुझे, मेरे परिवार, प्रदेश और देश को विश्व में नई पहचान दिलाई है। मेरा फर्ज बनता है कि मैं मुक्केबाजी को कुछ दूं। मैंने और मेरे चाचा ने निर्णय लिया है कि हम अमित पंघाल फाउंडेशन बनाकर उभरते खिलाड़ियों की मदद करें। उनको खेल की बारीकियां बताने से लेकर, उनकी जरूरत के संसाधन उपलब्ध कराएं। उन्होंने डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट अमित पंघाल डॉट कॉम वेबसाइट लांच की है। इच्छुक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। 

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