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तस्वीरें: एक साथ जलीं 6 लोगों की चिताएं, देखकर मां-बहनें बेहोश, हादसे का सच आया सामने
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Sat, 07 Jul 2018 05:26 PM IST
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सड़क हादसे में छह लोगों की मौत
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एक ही परिवार के छह सदस्यों की चिताएं एक साथ जलीं तो कोहराम मच गया। मां-बहनें जहां बदहवासी की हालत में थीं, वहीं बच्चे भी फूट-फूट कर रो रहे थे। माहौल इतना गमगीन था कि हर आंख नम गई। किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।
सड़क हादसे में छह लोगों की मौत
हरियाणा के यमुनानगर स्थित सढौरा में कालाअंब रोड पर वीरवार शाम को हुए हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। रसूलपुर गांव से शुक्रवार की दोपहर करीब बारह बजे जब छह अर्थियां एक साथ उठीं तो कोहराम मच गया। गांव में ही सभी का दाह संस्कार किया गया। बच्चे अपनी मम्मियों से पूछ रहे थे क्या पापा अब कभी नहीं आएंगे? बेसुध मांओं के पास उनके सवालों का जवाब ही नहीं था। देती भी कैसे, वे तो खुद को ही संभाल नहीं पा रही थीं।
सड़क हादसे में छह लोगों की मौत
नम आंखों से बेटों व भतीजे ने दी मुखाग्नि
मृतक बिमला को मुखाग्नि उसके बेटे राजीव ने दी, सुरेंद्र को मुखाग्नि उसके बेटे अमित ने दी, नीलम को मुखाग्नि बेटे अभिषेक, रमेश को बेटे सचिन ने, कमलेश को उसके बेटे सोनू ने वा कृष्ण लाल को उसके भतीजे अमित ने मुखाग्नि दी। एक बार तो उनकी हिम्मत ही नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें ढांढस बढ़ाया तो उन्होंने मुखाग्नि दी। वहीं हादसे के कारण शुक्रवार को गांव में न तो कोई दुकान खुली न ही किसी के घर चूल्हा जला। घर में जो कुछ था उसी से बच्चों का पेट भरा गया। बच्चों को लेने आई स्कूल की बसें भी लगभग खाली ही लौटीं।
मृतक बिमला को मुखाग्नि उसके बेटे राजीव ने दी, सुरेंद्र को मुखाग्नि उसके बेटे अमित ने दी, नीलम को मुखाग्नि बेटे अभिषेक, रमेश को बेटे सचिन ने, कमलेश को उसके बेटे सोनू ने वा कृष्ण लाल को उसके भतीजे अमित ने मुखाग्नि दी। एक बार तो उनकी हिम्मत ही नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें ढांढस बढ़ाया तो उन्होंने मुखाग्नि दी। वहीं हादसे के कारण शुक्रवार को गांव में न तो कोई दुकान खुली न ही किसी के घर चूल्हा जला। घर में जो कुछ था उसी से बच्चों का पेट भरा गया। बच्चों को लेने आई स्कूल की बसें भी लगभग खाली ही लौटीं।
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सड़क हादसे में छह लोगों की मौत
ग्रामीण बोले, पहली बार देखा इतना बड़ा हादसा
ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह का हादसा गांव के इतिहास में पहली बार हुआ है। वे इस तरह के हादसों की खबरें पढ़ते और सुनते थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी आंखों से ये भयानक मंजर देख लिया, जो जिंदगी भर उन्हें याद रहेगा। अब लोग यही दुआ कर रहे हैं कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना कभी भी किसी के साथ न हो। मृतकों के परिवार वाले इतने सदमे में हैं कि होश ही नहीं। उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके परिजन अब इस दुनिया में नही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह का हादसा गांव के इतिहास में पहली बार हुआ है। वे इस तरह के हादसों की खबरें पढ़ते और सुनते थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी आंखों से ये भयानक मंजर देख लिया, जो जिंदगी भर उन्हें याद रहेगा। अब लोग यही दुआ कर रहे हैं कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना कभी भी किसी के साथ न हो। मृतकों के परिवार वाले इतने सदमे में हैं कि होश ही नहीं। उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके परिजन अब इस दुनिया में नही हैं।
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सड़क हादसे में छह लोगों की मौत
ये रही हादसे की वजह
जायलो एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक कर रही थी। इसी दौरान अचानक से तेज रफ्तार तेल का टैंकर सामने से आ गया और दोनों वाहनों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। दुर्घटनास्थल के पास ही एक हल्का टर्न है। टैंकर उसी दिशा से अचानक आ गया। टर्न होने की वजह से जायलो चालक को दिखाई नहीं दिया होगा। अचानक सामने से वाहन आने से टैंकर व जायलो कार चालक ब्रेक नहीं लगा पाए और उनके वाहन हड़बड़ाहट में आउट ऑफ कंट्रोल हो गए। मौके के हालात देखकर प्रतीत हो रहा है कि दोनों ही चालकों को अपना वाहन बचाने का समय नहीं मिला।
जायलो एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक कर रही थी। इसी दौरान अचानक से तेज रफ्तार तेल का टैंकर सामने से आ गया और दोनों वाहनों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। दुर्घटनास्थल के पास ही एक हल्का टर्न है। टैंकर उसी दिशा से अचानक आ गया। टर्न होने की वजह से जायलो चालक को दिखाई नहीं दिया होगा। अचानक सामने से वाहन आने से टैंकर व जायलो कार चालक ब्रेक नहीं लगा पाए और उनके वाहन हड़बड़ाहट में आउट ऑफ कंट्रोल हो गए। मौके के हालात देखकर प्रतीत हो रहा है कि दोनों ही चालकों को अपना वाहन बचाने का समय नहीं मिला।