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सिमरनजीत कौर से 'सिमरनजीत' बने सैम का कड़वा सच, बोले- मां नहीं समझी, तो दुनिया क्या समझती
Mon, 11 Mar 2019 09:01 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 11 Mar 2019 09:01 AM IST
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सिमरनजीत सिंह
सिमरनजीत कौर से सिमरनजीत सिंह बनने का सैम का सफर काफी संघर्ष भरा रहा। आइए हम आपको बताते हैं, उनकी दर्दभरी जिंदगी के कुछ कड़वे सच। खुद कहते हैं कि जब मां नहीं समझी, तो दुनिया क्या समझती।
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पीजीआई चंडीगढ़
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उम्र बढ़ने के साथ-साथ उन्हें अपनी बात पर यकीन होने लगा। वह जब भी इस बारे में अपनी मां को बताते थे तो वह उन पर गुस्सा होने लगती थीं। इसके बाद उन्हें तरह-तरह के ताने सुनने को मिलने लगे और कहा जाने लगा कि तुम एक लड़की हो और कुछ भी ऐसा मत करना, जिससे पूरे परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल जाए। लड़कों जैसे कपड़े पहनने और दिखने की जिद में वह जब एक बार अपनी चोटी कटवाकर टॉम ब्वाय के लुक में पहुंचे तो घर में उन्हें खूब पीटा गया और कहा गया कि वह घर से न निकलें।
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सैम बताते हैं कि उन्होंने काफी कोशिश की कि उनके मां-बाप समझ जाएं कि वह फीमेल नहीं बल्कि मेल हैं, लेकिन वह नहीं माने। पंजाब के होशियारपुर जिले के रहने वाले सिमरनजीत साल 2008 में लंदन चले गए। उन्होंने वहां पर पढ़ाई की और इस दौरान सेक्स चेंज कराने के बारे में जानकारी जुटीनी शुरू की, लेकिन पता चला कि वहां पर चार से पांच साल की वेटिंग हैं। वे साल 2013 में वापस भारत लौट आए और यहां सर्जरी कराने के लिए संस्थान और डॉक्टर की खोजबीन शुरू की।
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सांकेतिक तस्वीर
सैम बताते हैं कि उन्होंने भारत आने के करीब दो साल बाद नई दिल्ली में एक प्राइवेट संस्थान में सेक्स चेंज करवाया। उसके बाद उन्हें जो खुशी महसूस हुई, वो शायद प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नहीं मिलती। सैम ने कहा कि उनके जैसे लोगों की जिंदगी बहुत कठिन होती है। जब हमारी भावनाएं मां नहीं समझ सकती तो समाज के लोग कैसे समझेंगे। यदि बचपन में मां-बाप समझ लेते तो शायद वह फौज या सिविल सर्विस में अफसर होते। उन्होंने अपने साथ हो रहे भेदभाव के बारे में भी बताया।