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'उड़ते पंजाब' के धुंए में उड़ गई अकाली-भाजपा, हार के पांच बड़े कारण

Sun, 12 Mar 2017 06:39 PM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 12 Mar 2017 06:39 PM IST
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Shiromani Akali dal lost punjab assembly election 2017, main points
CM Parkash singh badal & Sukhbir singh badal - फोटो : File Photo
10 साल से सत्ता संभाल रही अकाली दल और भाजपा 'उड़ते पंजाब' को संभाल नहीं पाई और उसी धुंए में उलझ कर रह गई, देखिए हार के पांच बड़े कारण...
Shiromani Akali dal lost punjab assembly election 2017, main points
प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल - फोटो : File Photo
10 साल से सत्ता संभाल रही शिरोमणि अकाली दल और सहयोगी भारतीय जनता पार्टी की 2017 विधानसभा चुनाव में बड़ी हार होती दिख रही है। दोपहर 12 बजे तक के रुझान में कांग्रेस 91, अकाली+भाजपा 15 और आम आदमी पार्टी 35 सीटों पर आगे चल रही है। इससे ये तो बिल्कुल साफ हो गया है कि पंजाब की जनता ने इस बार बादल सरकार को नकार दिया है।
Shiromani Akali dal lost punjab assembly election 2017, main points
पीएम मोदी और बादल - फोटो : फाइल फोटो
ड्रग्स रहा एक अहम मुद्दा
पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 में मुख्य मुद्दा ड्रग्स और नशोखारी रहा। विरोधी लगातार आरोप लगते रहे कि पंजाब में ड्रग्स मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बेटे और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के संरक्षण में ही बिक रहें है।
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता रैलियों और भाषणों के जरिए लोगों को यह समझाने की कोशिश करते रहे कि पाकिस्तान से ड्रग्स भेजे जा रहे ड्रग्स को बादल सरकार नहीं रोक पा रही है। आप का कहना है कि पंजाब सरकार में मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया और सरवन सिंह फिल्लौर भी तस्करी में शामिल हैं। मजीठिया रिश्ते में पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के साले हैं।
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Shiromani Akali dal lost punjab assembly election 2017, main points
- फोटो : File Photo
10 साल एक सरकार से ऊब चुकी थी जनता
जब भी कोई पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहती है तो एक स्वभाविक प्रक्रिया के तहत वोटरों के एक धड़ा उससे नाराज होता है। लोग बदलाव चाहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि नई पार्टी सत्ता में आएगी तो वह कुछ बेहतर काम करेगी। अकाली-भाजपा गठबंधन भी पिछले 10 साल से पंजाब में सत्ता में थी, इसलिए जनता बदलाव चाह रही थी।
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Shiromani Akali dal lost punjab assembly election 2017, main points
- फोटो : फाइल फोटो
सुखबीर सिंह बादल के हाथ में सारी ताकत
अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री तो प्रकाश सिंह बादल रहे, लेकिन असली कमान उनके बेटे सुखबीर बादल के हाथों में रही। कहा जाता है कि दूसरी बार के कार्यकाल में सुखबीर सिंह बादल पूरी तरीके से जनता से दूर हो गए। सुखबीर सिंह बादल ने मनमाने तरीके से फैसले लिए। सरकार में सहयोगी भाजपा भी आरोप लगा रही है कि अगर गठबंधन की हार होती है तो इसके लिए केवल और केवल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और उनकी नीतियां ही जिम्मेदार होंगी।
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