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बलविंदर सिंह: 200 आतंकियों से भिड़े थे, कामरेड के साथ उनकी दोनों पत्नियों को भी मिला शौर्य चक्र

Sat, 17 Oct 2020 01:38 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 17 Oct 2020 01:38 PM IST
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Shaurya Chakra winner Comrade Balwinder singh Bravery Story
कामरेड बलविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
शौर्य चक्र विजेता कामरेड बलविंदर सिंह एकमात्र ऐसे शख्स हैं, जिनकी दोनों पत्नियों को भी शौर्य चक्र से नवाजा गया था, क्योंकि परिवार 200 आतंकियों से भिड़ गया था। पढ़िए पूरी कहानी...

 
Shaurya Chakra winner Comrade Balwinder singh Bravery Story
कामरेड बलविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
कभी लघु खालिस्तान के नाम से जाने जाते तरनतारन के कस्बा भिखीविंड में बलविंदर सिंह ने खालिस्तान कमांडो फोर्स के आतंकी परमजीत सिंह पंजवड़ को कड़ी चुनौती दी थी। बलविंदर सिंह ने 1980 से लेकर 1993 तक आतंकवादियों से इतनी ताकत से लड़ाई लड़ी थी कि तत्कालीन गवर्नर जेएफ रिबेरो भी उनके प्रशंसक बन गए थे। 
Shaurya Chakra winner Comrade Balwinder singh Bravery Story
कामरेड बलविंदर सिंह का परिवार - फोटो : अमर उजाला
सितंबर 1990 में पंजवड़ ने 200 आतंकवादियों के साथ बलविंदर सिंह के घर में हमला किया था। इसमें रॉकेट लांचर का भी इस्तेमाल किया था। बलविंदर के घर में पक्के बंकर बने हुए थे। आतंकवादियों ने बलविंदर के घर को चारों तरफ से घेर लिया था, उनके घर की तरफ जाने वाले सभी रास्ते भी ब्लॉक कर दिए गए थे ताकि पुलिस व अर्धसैनिक बल मदद को न आ सकें। 
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कामरेड बलविंदर सिंह का परिवार - फोटो : अमर उजाला
पांच घंटे चली इस मुठभेड़ में पंजवड़ भाग खड़ा हुआ था और उसके कई गुर्गे मारे गए थे। घर में बनाए गए मोर्चे से परिवार के सभी सदस्यों ने स्टेनगन आदि हथियारों से आतंकवादियों का बहादुरी से मुकाबला किया था। इसके बाद बलविंदर सिंह का नाम नेशनल मीडिया की सुर्खियों में आ गया था। इसके बाद 1993 में गृह मंत्रालय की सिफारिश पर तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने बलविंदर सिंह, उनके बड़े भाई रंजीत सिंह और उनकी पत्नियों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। 
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कामरेड बलविंदर सिंह का परिवार - फोटो : अमर उजाला
पंजवड़ और उसके गुर्गों ने बलविंदर के घर में 1980 से लेकर 1993 तक कई बार हमले किए। 1990 से लेकर 93 के बीच ही उनके घर पर 11 बार हमले किए गए थे। इसी साल मार्च में पंजाब पुलिस ने उसकी सुरक्षा वापस ले ली थी। ऐसे में पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के प्रयास कर रही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर बलविंदर सिंह की हत्या तो नहीं की गई, पुलिस के सामने यह एक बड़ा सवाल है। 
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