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आखिर तेज बहादुर को क्यों बोलना पड़ा- खाना मांगा था, सरकार ने तो रोजी-रोटी ही छीन ली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 01 Feb 2018 09:43 AM IST
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Tej Bahadur Yadav
- फोटो : File Photo
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बीएसएफ के जवानों को मिलने वाले खाने को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने वाले बीएसएफ जवान ने अपनी बर्खास्तगी के आदेशों को चुनौती दी है। तेज बहादुर ने याचिका में कहा कि मैने तो अपने और अपने साथियों के लिए सही और पर्याप्त खाना ही मांगा था, मैंने ऐसी क्या भूल कर दी कि सरकार ने मेरी रोजी-रोटी ही छीन ली।
Tej Bahadur Yadav
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तेज बहादुर ने एडवोकेट एसपी यादव के जरिये दायर याचिका में बताया कि उसने बीएसएफ से वीआरएस के तहत स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति देने की मांग की थी। पहले उसे इसकी इजाजत दे दी गई लेकिन बाद में उसकी वीआरएस के आदेशों को रद्द कर उसे सेवा से बिना कोई पूर्व नोटिस दिए ही बर्खास्त कर दिया गया। याचिका में तेज बहादुर ने बताया है कि जनवरी 1996 में वह बीएसएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर नियुक्त हुआ था।
Tej Bahadur Yadav
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उसे सेवा काल में कई इनाम भी दिए गए जिसमे एक गोल्ड मेडल भी शामिल था। याची ने अक्तूबर 2015 में घटिया खाना दिए जाने की सैनिक सम्मलेन (दरबार) में शिकायत की थी। अक्तूबर 2016 में याची ने वीआरएस दिए जाने की अर्जी अथॉरिटी को भेज दी। दिसंबर 2016 में उसका एफडीएल एडम बेस खेत में तबादला कर दिया गया था। यहां जवानों को बेहद ही घटिया और अपर्याप्त खाना मिलता था।
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तेज बहादुर
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इस बारे में सैनिक सम्मेलन में शिकायत करने के लिए उसने एक वीडियो बनाया था जिसे उसके साथियों ने उसके फेसबुक पर डाल दिया। डीआईजी ने मामले की जांच पूरी कर उसे निर्दोष करार दे सेवा में लौटने के आदेश दे दिए। 31 जनवरी को उसकी वीआरएस स्वीकार करते हुए उसे सेवानिवृत्ति के आदेश जारी कर दिए गए। सेवानिवृत्ति के आधे घंटे बाद ही उसे हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में ही उसे बताया गया कि उसकी स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति की अर्जी को ख़ारिज कर उसे सेवा से बर्खास्त किया जा रहा है।
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तेज बहादुर
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बर्खास्तगी से यह आदेश जारी किये जाने से पहले उसे नोटिस तक जारी कर उसका पक्ष तक नहीं पूछा गया। इस फैसले को याचिकाकर्ता ने बीएसएफ डीजी के समक्ष चुनौती भी दी थी जिसे ख़ारिज कर दिया गया। याची ने पूछा है कि अच्छा और पर्याप्त भोजन मांगना क्या अपराध है? संवैधानिक अधिकारों के तहत इसकी मांग की जा सकती है। हाईकोर्ट ने तेज बहादुर की याचिका पर केंद्र सरकार, बीएसएफ व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।