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Chandigarh News: काउ मीट पर पूरी तरह बैन, रेहड़ियों पर नॉनवेज बेचने पर भी रोक

Fri, 21 Aug 2026 02:29 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2026 02:29 AM IST
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Complete ban on cow meat; sale of non-vegetarian food from street carts also prohibited.
चंडीगढ़। नगर निगम सदन की वीरवार को हुई बैठक में ड्राफ्ट म्युनिसिपल कार्पोरेशन चंडीगढ़ (रेगुलेशन, कंट्रोल एंड इंस्पेक्शन ऑफ मीट, फिश, पोल्ट्री शॉप एंड कमर्शियल फूड एस्टेब्लिशमेंट) बाई लॉज-2026 पर चर्चा हुई। सदन ने काउ मीट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। मेयर सौरभ जोशी ने काउ मीट की स्लॉटरिंग पर पांच लाख रुपये जुर्माना और बीएनएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान भी शामिल करवाया है। इसके अलावा गौधन को जिंदा या मरा पकड़कर ले जाने वालों पर भी एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान रहेगा।
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बाई लॉज के तहत रेहड़ी-फड़ी वालों को नॉनवेज बेचने का लाइसेंस नहीं मिलेगा। वेंडिंग कमेटी भी ऐसे लाइसेंस जारी नहीं कर सकेगी। इसका मतलब है कि रेहड़ी पर नॉनवेज का कारोबार करने वालों को अपना ट्रेड बदलना होगा। बाई लॉज का पब्लिक नोटिस जारी कर पार्षदों से सुझाव मांगे जाएंगे। सुझाव शामिल करने के बाद एजेंडा दोबारा सदन में लाया जाएगा। सदन से मंजूरी मिलने के बाद बाई लॉज नोटिफाई किए जा सकेंगे।
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होटल-रेस्टोरेंट को भी लेना होगा लाइसेंस
जॉइंट कमिश्नर एवं एमओएच विंग के हेड बलबीर राज सिंह ने सदन को बताया कि ड्राफ्ट मीट बाई लॉज-2026 के तहत मीट शॉप के अलावा मीट स्टोरेज, होटल और रेस्टोरेंट में मीट परोसने के लिए भी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। जगह-जगह खोखों में बिना सरकारी मुहर वाला मीट बेचने और अवैध स्लॉटरिंग की शिकायतें सामने आई थीं। इसलिए खोखों में मीट बेचने और स्लॉटरिंग पर रोक का प्रावधान किया गया है। उल्लंघन पर जुर्माना लगाने के साथ खोखा शॉप सील की जा सकेगी।
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लाइसेंस के लिए कम से कम 7x7 फीट जगह जरूरी होगी। दुकान में सात फीट तक सफेद टाइल और मीट कटिंग के लिए ब्राउन कोटा स्टोन लगाना होगा। एमओएच से लाइसेंस नहीं मिलने पर एफएसएसएआई लाइसेंस भी नहीं मिल सकेगा। मीट स्टोरेज की जगह सब्जी स्टोरेज नहीं की जा सकेगी। लाइसेंस के लिए 500 रुपये फीस देनी होगी और हर साल नवीनीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर पांच हजार रुपये जुर्माना और दुकान सील करने का प्रावधान है। बकरे, भेड़ और सुअर के मीट की बिक्री के लिए संबंधित टैग लगाना भी अनिवार्य होगा।
137 रेहड़ी वालों का बदला ट्रेड
आप पार्षद रामचंद्र यादव ने कहा कि धनास में रेहड़ियों पर नॉनवेज बेचा जा रहा है और कुछ लोग 2013 से यह काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वेंडर लाइसेंस के आधार पर रेहड़ी पर मीट या उससे बने सामान की बिक्री की जा सकती है। कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि सेक्टर-47 और 45 में कई रेहड़ी वाले मीट बेचते हैं और कचरा सड़क किनारे डालते हैं।

निगम सेक्रेटरी एवं जॉइंट कमिश्नर डॉ. हिमांशु गुप्ता ने बताया कि ऐसे 137 रेहड़ी वालों का ट्रेड बदला जा चुका है। कुछ अन्य को भी ट्रेड बदलने की चेतावनी दी गई है। वेंडर सेल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रेहड़ी वालों को नॉनवेज का लाइसेंस नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह काम एमओएच के अधिकार क्षेत्र में आता है।
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