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दुनिया का पहला क्वांटम कंप्यूटर बनाने की स्वदेशी तकनीक विकसित कर रहा भारत, जुटे हैं 30 वैज्ञानिक

Tue, 23 Apr 2019 02:19 PM IST
खुशबू गोयल नवनीत छिब्बर, अमर उजाला, मोहाली
नवनीत छिब्बर, अमर उजाला, मोहाली Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 23 Apr 2019 02:19 PM IST
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Research to Develop Indian Technique to Make First Quantum Computer of the World
क्वांटम कंप्यूटर
अंतरिक्ष में अपनी क्षमता साबित करने के बाद भारत अब दुनिया का पहला क्वांटम कंप्यूटर बनाने की तकनीक विकसित कर रहा है। 30 वैज्ञानिक इसमें दिन रात जुटे हुए हैं, जानिए क्या है प्रोजेक्ट।
Research to Develop Indian Technique to Make First Quantum Computer of the World
क्वांटम कंप्यूटर
दुनिया का और भारत का पहला स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटर व संचार नेटवर्क विकसित करने के लिए देश के 30 से ज्यादा वैज्ञानिकों की टीम काम कर रही है। पंजाब में मोहाली जिला स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंटिफिक एजुकेशन एंड रिसर्च यानी आइसर के चार वैज्ञानिक भी इस टीम का हिस्सा हैं। भारत सरकार द्वारा क्वांटम टेक्नोलॉजी एंड एप्लीकेशन रिसर्च को बढ़ावा देने का यह पहला प्रयास है। इस पर आगामी तीन साल में 300 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। साइबर फिजिकल सिस्टम्स यानी सीपीएस प्रोग्राम के तहत देश में पहला क्वांटम कंप्यूटर बनाने के लिए काम शुरू हो गया है। मोहाली आइसर से ऑफिशिएटिंग डायरेक्टर प्रो. अरविंद के साथ प्रो. कविता दोराई, डॉ. मनदीप सिंह और डॉ. संदीप गोयल टीम में शामिल हैं।
Research to Develop Indian Technique to Make First Quantum Computer of the World
क्वांटम कंप्यूटर
आइसर के ऑफिशिएटिंग डायरेक्टर प्रो. अरविंद ने बताया कि स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटर और क्वांटम संचार नेटवर्क विकसित करने के साथ-साथ रिफाइंड रिसर्च के बुनियादी ढांचे के निर्माण और मानव संसाधनों के प्रशिक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा उठाया गया यह पहला कदम है। इस रिसर्च प्रोग्राम के तहत क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और क्वांटम संचार उपकरणों को विकसित करने के स्वदेशी रिसर्च प्रोग्राम पर भरोसा करके उन्हें विकसित करना सबसे महत्वपूर्ण है। इससे भारत को सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी महाशक्ति बनाया जा सकेगा। प्रो. अरविंद ने बताया कि आम आदमी की भाषा में क्वांटम कंप्यूटर कंप्यूटेशनल डिवाइस है, जो मिनटों में वह सब काम कर सकते हैं, जिन्हें करने में सबसे अच्छे सुपर कंप्यूटर को भी काफी समय लगता है। साथ ही ये सुरक्षित संचार भी सुनिश्चित करते हैं।
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क्वांटम कंप्यूटर
दुनिया के किसी भी देश में अभी तक पूरी तरह से वर्किंग और कमर्शियल क्वांटम कंप्यूटर का निर्माण नहीं किया गया है। हालांकि, अमेरिका और चीन जैसे कुछ देशों ने प्रोटोटाइप क्वांटम कंप्यूटर का निर्माण किया है। प्रो. अरविंद ने बताया कि पहले चरण के अंत तक यह उम्मीद है कि प्रोटोटाइप क्वांटम कंप्यूटर के लिए सटीक माप के तरीके और एक सुरक्षित व पोर्टेबल क्वांटम संचार सेटअप स्थापित कर लिया जाएगा।
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क्वांटम कंप्यूटर
क्या है क्वांटम कंप्मयूटर
क्वांटम कंप्यूटर भविष्य का कंप्यूटर है। यह मौजूदा कंप्यूटर से पूरी तरह अलग होगा। जब से कंप्यूटर अस्तित्व में आया है, लगातार पावरफुल बनता जा रहा है। फिलहाल कंप्यूटर में कैलकुलेशन के लिए बिट का इस्तेमाल होता है, जिसमें डेटा को 0 और 1 की फार्म में रखा जाता है। इन बाइनरी नंबर का इस्तेमाल मशीनी भाषा में प्रोग्राम लिखने के लिए होता है। मशीनी भाषा बाइनरी कोड में लिखी जाती है, जिसमें केवल दो अंक होते हैं। कंप्यूटर सिर्फ बाइनरी संकेत यानी 0 और 1 को ही समझता है। कंप्यूटर का सर्किट इन बाइनरी कोड को समझ कर इन्हें इलेक्ट्रिक सिग्नल में बदल देता है। जब प्रोसेसर किसी सॉफ्टवेयर को रन करता है तो इसी मशीनी भाषा का इस्तेमाल कर सभी प्रोसेस को अंजाम देता है।
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