गुरमीत राम रहीम के समधी की चुनावी सभा में हुआ ब्लास्ट सोची समझी साजिश थी। मामले में जांच की गई तो कई चौंकाने वाले सच खुलकर सामने आए।
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बठिंडा ब्लास्ट
- फोटो : अमर उजाला
बठिंडा के मौड़ मंडी में कांग्रेस प्रत्याशी हरमंदर जस्सी की चुनावी जनसभा में हुए ब्लास्ट ने छह लोगों की जान ले ली। मरने वालों में चार बच्चे हैं, जो एक ही गली में रहते थे। एक बच्ची उसी दिन दम तोड़ गई थी, जबकि जपसिमरण सिंह, रिपनदीप सिंह और सौरभ कुमार ने बुधवार को दम तोड़ दिया। एक बच्चा अंकुश जिंदगी के लिए लड़ रहा है। रिपनदीप के पिता काला सिंह सेना में थे, जो कुछ साल पहले शहीद हो गए थे।
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चुनावी सभा में ब्लास्ट का असली सच
वहीं, मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह कहते हैं कि ये आतंकी हमला है। पुलिस को भी इसके प्रमाण मिल चुके हैं। डीजीपी अरोड़ा ने कहा कि दो बम थे। एक को रिमोट से कंट्रोल किया गया। दूसरा पूरी तरह ब्लास्ट नहीं हुआ। मौके से मिले कुकर से छर्रेनुमा सामान मिला। अगर ये फट जाता तो आसपास मौजूद काफी लोग इसकी चपेट में आ सकते थे और बड़ा नुकसान हो सकता था।
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राम रहीम सिंह इन्सां के समधी की चुनावी सभा में धमाका
डीजीपी सुरेश अरोड़ा कहते हैं कि आरडीएक्स और आईईईडी की मदद से हमला किया गया। बम काफी ट्रेंड लोगों द्वारा तैयार किए गए। ऐसे बम का इस्तेमाल आतंकी हमले में ही होता है, क्योंकि इससे काफी नुकसान होता है। घटनास्थल पर मिले कुकर बम में बैरिंग, नट-बोल्ट और तीखी चीजों का इस्तेमाल किया गया था। इन चीजों को छर्रों के तौर पर यूज किया गया। डेटोनेटर के तौर पर बाइक की बैटरी इस्तेमाल की गई थी।
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राम रहीम सिंह इन्सां के समधी की चुनावी सभा में धमाका
हरमंदर जस्सी को डेरा सच्चा सौदा के मुखी के समधी होने और डेरा-सिख विवाद के चलते जेड सिक्योरिटी दी गई थी, जिसमें बुलेट प्रूफ गाड़ी और करीब 20 सुरक्षाकर्मी थे। मगर उनकी बुलेट प्रूफ गाड़ी में खराबी थी, जिसे चंडीगढ़ ठीक होने के लिए भेजा गया था और उसके बारे में पिछले दिनों पत्र भी लिखा था। गाड़ी न मिलने की वजह से वे अपने बेटे की फॉरच्यूनर गाड़ी में थे। इसकी शिकायत उन्होंने डीजीपी सुरेश अरोड़ा से भी की।