9 दिन के रिमांड के दौरान हनीप्रीत का मोबाइल, लैपटॉप, डायरी और एक बैग हाथ लगा, जिसमें उसके कई राज दफन हैं। राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा के सच भी छिपे हैं इनमें।
बरामदगी के बाद साइबर एक्सपर्ट मोबाइल और लैपटॉप के पासवर्ड को क्रैक करने में जुट गए हैं। इसके लिए साइबर फॉरेंसिक टीम लगाई गई है, जो मोबाइल, लैपटॉप सहित हिंसा के लिए इस्तेमाल किए गए तमाम इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को पुलिस खंगाल रही है। हालांकि जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मोबाइल से अधिकतर डाटा डिलीट कर दिया गया है, लेकिन रिकवरी हो गई तो बड़ी सफलता हाथ लगेगी।
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पंचकूला कोर्ट में हनीप्रीत
दरअसल मोबाइल, लैपटॉप में हिंसा की साजिश से संबंधित नक्शे, रुपयों के लेन देन और पंचकूला तक पहुंचने के लिए अपनाई गई रणनीति सहित कई ऐसे राज छुपे होने की संभावना जताई जा रही है, जिनका खुलासा करना पुलिस के लिए बेहद जरूरी है। इन्हें गैजेट्स से कुछ मैसेज डेरा के नजदीकियों ने एक दूसरे को शेयर किये, जिससे दंगे को हवा मिली। लेकिन उपद्रवी पंचकूला तक कैसे और किसके इशारे पर पहुंचे, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है।
तीन दिन की रिमांड के दौरान पुलिस ने हनीप्रीत से एक डायरी बरामद की। डायरी से संपत्ति के अलावा कई ऐसे राज भी मिले हैं, जिनके खुलने से डेरा सच्चा सौदा के नजदीकियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा राम रहीम के अलावा डेरे के राज भी खुलेंगे। डायरी के अलावा पुलिस को इंटनेशनल कॉल्स के बारे में भी जानकारियां मिली हैं, जिससे हिंसा की साजिश और इसके नेटवर्क का खुलासा होगा।
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Vipasana Insan and Honeypreet Insan
जब पुलिस हनीप्रीत को राम रहीम के पैतृक गांव गुरसर मोडिया लेकर गई तो वहां एक घर से उसने पुलिस को सक बैग बरामद कराया। इस बैग में दर्जनों प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां थी, जो हनीप्रीत के नाम है। इसके अलावा बड़ी संख्या में डेबिट और क्रेडिट कार्ड, हनीप्रीत की डिग्रियां व अन्य दस्तावेज मिले हैं। जिन्हें कब्जे में ले लिया गया। पुलिस के मुताबिक इस प्रॉपर्टी का अभी सही आकलन तो नहीं लग पाया, लेकिन इतना तय है कि रजिस्ट्रियों के हिसाब से जमीन करोड़ों रुपये की है।